पाल की भूमि का स्वरूप बदला: तहसीलदार ने शिवायचक घोषित करने व स्थगन आदेश करने का प्रतिवेदन किया पेश

नीमकाथाना: पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 07 श्याम मंदिर के सामने प्राकृतिक आपदा तालाब ओवरफुल होने के बाद आबादी को बचाने के लिए नली की भूमि खसरा नंबर 434 नया 1104 राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज की गई।

पालिका प्रशासन व राजस्व अधिकारियों से मिलकर सत्यनारायणदास चेला गणपतदास के नाम से उक्त भूमि पाल में तब्दील कर दी गई। मोटी रकम लेकर पालिका प्रशासन ने उक्त भूमि का पट्टा जारी कर दिया गया। जिसके बाद भूमि पर चारदीवारी कर नली की भूमि पर कब्जा कर लिया गया।

जिसकी शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट जुगल किशोर द्वारा राजस्व अधिकारियों को की गई। जिसपर तहसीलदार दिनेश कुमार शर्मा ने पटवारी हल्का नीमकाथाना से उक्त प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई। पटवारी हल्का रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को तहसीलदार  ने उपखंड अधिकारी के समक्ष काश्तकारी अधिनियम 177 के तहत खातेदारी अधिकार समाप्त कर उक्त भूमि को शिवायचक घोषित करने के लिए आवेदन पेश किया। 

उक्त खसरे पर स्थगन आदेश करने का भी आग्रह किया। तहसीलदार शर्मा ने बताया कि उक्त प्रकरण में अधिकारों के विपरीत प्रतिवादी द्वारा भूमि का अन्य परियोजनार्थ उपयोग किया गया है। भूमि का स्वरूप परिवर्तन किया गया। जिससे भूमि का अस्तित्व खत्म होने की संभावना है। 

खातेदार द्वारा भूमि का बिना विधिक अनुमति के कार्य किया जिससे उक्त भूमि के खातेदार अधिकार समाप्त कर उक्त भूमि को शिवायचक घोषित करने का आग्रह किया गया हैं। उक्त भूमि में अवैध दुकान सड़क का निर्माण विधि विरुद्ध किया गया है। मौके पर दुकान सड़क आदि डालकर पाल का स्वरूप बदल दिया।
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