राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त व रीडर के खिलाफ राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

सूचना आयोग में अपीलार्थियों के साथ होता है मुलजिमों जैसा व्यवहार
नीमकाथाना: राजस्थान राज्य सूचना आयोग जयपुर के कोर्ट न. 02 के सूचना आयुक्त व रीडर द्वारा गैर कानूनी व असंवैधानिक निर्णय पारित करने एंव अपीलार्थियों को धमकाने के सन्दर्भ में कार्यवाही को लेकर राज्यपाल को आरटीआई कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी बृजेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
 ज्ञापन में अवगत करवाया कि राजस्थान सूचना आयोग जयपुर के कोर्ट न. 02 में आरटीआई की अपील पर संबंधित विभाग के अधिकारियों की मर्जी के मुताबिक निर्णय किये जा रहे है। सूचना का अधिकारअधिनियम 2005 के तहत सूचना आयुक्त ने नागरिकों को दिये गये अधिकार की स्वतंत्रता को मानो नष्ट कर दिया है। सूचना आयुक्त के फैसले अब अतार्किक मनमाना, बल्कि गैरकानूनी और असंवैधानिक आने लगे है ऐसा करना आरटीआई कानून को ध्वस्त करना जैसा है।

 अपीलार्थियों को रीडर प्रकाश द्वारा आयुक्त के समक्ष धमकाया जाता है और यह कहा जाता है कि यहां क्यों आते हो। अपीलार्थियों के साथ मुलजिमों जैसा व्यवहार किया जाता है। आर्डरशीट पर अपीलार्थी के उपस्थिति हस्ताक्षर नहीं करवाये जाते हैं एवंम ना ही अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज पत्रावली में शामिल नहीं किये जाते है। 

अपीलार्थी को अनुपस्थित दिखाकर गलत विधि विरुद्ध मनमाना निर्णय किये जा रहे है। सूचना आयोग की कोर्ट न. 02 में संबंधित विभागों के अधिकारियों से मिलकर तथा उनसे सांठगांठ कर अपीलार्थियों के विरुद्ध निर्णय पारित किये जाते है तथा अपीलार्थी द्वारा चाही गयी सूचना यथा सत्य प्रतिलिपि उपलब्ध नही करवायी जाती है। काफी जिदोजहद के बाद मिलने वाली सूचना से आम नागरिक हताश होने लगे है और सूचना आयोग पर से लोगों का विश्वास उठने लगा है। 

आम नागरिकों को सूचना तक पहुँच में रोडे अटाकाए जा रहे है कभी अवलोकन का बहाना कभी तारीख पर तारीख एवं रिडर द्वारा अपीलार्थी को धमकाकर अपीलार्थीयों को आर्थिक हानी व मानसिक पिडा देकर परेशान किया जा रहा है। 

सूचना आयोग में सम्पूर्ण राजस्थान से अपीलार्थी आते है वहा पर फोटो कोफी मशीन की व्यवस्था की जाये जिससे परेशानी का सामना नहीं करना पडे, कोर्ट रूम की पारदर्शिता लाने के लिऐ सी.सी.टी.वी कैमरे लगाये जाये, कोर्ट न. 2 के रीडर प्रकाश को तुरन्त प्रभाव से हटाया जाये। अपीलार्थीयों के आर्डरशीट पर सुनवाई के हस्ताक्षर करवाये जाये। तथा  कोर्ट न. 02 से जारी निणयों की जांच एक स्वत्रन्त कमेटी गठित कर करवायी जाये एंव जो भी दोषी हो उनके खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग आरटीआई कार्यकर्ता एंव सामाजिक कार्यकर्ता ने राज्यपाल से की।  

इस दौरान आरटीआई सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल सैनी, मनीराम यादव, श्रवण सिंह, पूरणमल यादव, एडवोकेट अशोक कुमार चौहरीया, फतेहसिंह, सुरेश सैनी, ओमप्रकाश महला, बलवीर जाखड़, रवीन्द्र सिंह जाखड़, कमलेश कुमार सैनी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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