गुरु नीम के पेड़ की तरह होता है जिसका फल तो कड़वा होता है लेकिन छाया शीतल होती है - यादव

प्रितमपुरी: वर्तमान में मानव जीवन पर पर्यावरण प्रदूषण सबसे बड़ा संकट बनकर आया है। ऐसे में आने वाली पीढ़ी के लिए पर्यावरण को अनुकूल बनाने में वृक्ष ही हमारी एक मात्र आशा हैं।  मानव और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक हैं। इसीलिए वृक्षारोपण कार्य में आम जन ने खूब रूचि दिखाई।

सुनील यादव प्रीतमपुरी ने बताया की उजाला टेस्ट सीरीज हनुमानगढ़ के प्रेमपाल घारू और उनके आध्यात्मिक गुरु ताराचंद जी यादव की प्रेरणा और मार्गदर्शन में रहकर पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 11 पेड़ लगाकर एक नई शुरुआत की और इसके साथ ही लोहे के 8 फुट लंबे 5 परिण्डे (पांच खानों के साथ) बनवाकर  पक्षियों के लिए लगवाये जिसमें पक्षी दाना चुगने के साथ साथ पानी भी पी सकते है

यादव  सालासर बालाजी गौमाता विकास समिति से जुड़े हुए हैं जिसका मुख्य उद्देश्य हर महीने में गायों के लिए गौ सवामणी करना है, उनका लक्ष्य अधिक से अधिक प्रभावकारी लोगों को जोड़ना है जिससे गायों के साथ साथ पशु पक्षियों के लिए भी एक अच्छा कार्य किया जा सके

व्रक्षारोपण की प्रेरणा उन्हें प्रेमपाल से मिली। वे एक नेक दिल इंसान है जो समय समय पर आमजन को नये नये विचार और सुझाव देते रहते हैं। 

पेड़ लगाने की एक मुहिम उन्होंने ही  प्रारंभ की है इस मुहिम से आज  उनसे जुड़े हुए सैकड़ों विद्यार्थियों ने भिन्न प्रकार की विभिन्न प्रकार के छायादार और फल वाले पेड़- पौधे लगाए हैं

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