ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर फिर से लगाया स्कूल के ताला

 ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने हटाने को लेकर लिखित में दिया तब ग्रामीणों ने खोला स्कूल का ताला 
नीमकाथाना। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कर्णपुरा में शुक्रवार को ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर विद्यालय के फिर से ताला लगा दिया। सुबह दस बजे नीमकाथाना ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राधेश्याम योगी विद्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक ओमनारायण मीणा की कार्यशैली की शिकायतों को लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राधेश्याम योगी को ज्ञापन दिया। नरसिंहपुरी पूर्व सरपंच गोपाल सैनी ने बताया कि प्रधानाध्यापक ओमनारायण मीणा को हटाने को लेकर पहले भी स्कूल के ताला लगाया जा चूका है तब भी निवर्तमान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों को सुधार होने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रधानाध्यापक ओमनारायण मीणा पर कार्यशैली को लेकर आरोप लगाया है कि प्रधानाध्यापक मीणा के आने के बाद विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई कभी भी अभिभावक मीटिंग नही होती है, पोषाहार में गड़बड़ी, विद्यालय में आने जाने रुकने सहित समय को लेकर पूर्णतः लापरवाह हैं, गांव में राजनीति गुट बनाने में व्यस्त रहते हैं जिस कारण विद्यालय छात्रों की संख्या 130 आ गई है जबकि इनके आने से पहले छात्रों की संख्या 250 से ऊपर थी। वहीं कोरोना समय में भी लापरवाह होने के कारण उपखंड अधिकारी नीमकाथाना के द्वारा नोटिस दिया गया था। इनके आने के बाद विद्यालय का नाम फिसड्डी विद्यालयों की सूची में सबसे नीचे आ गया जबकि इनसे पहले नीमकाथाना की सभी विद्यालयों में उत्कृष्ठ उच्च श्रेणी में था। अगर विद्यालय का मुखिया ही कर्तव्यपालक नहीं रहेगा तो  अन्य अध्यापक, बच्चे कर्तव्य पालक कैसे हो सकते हैं। आज महंगाई तथा घटते रोजगार को देखते हुए गरीब परिवार बच्चो को प्राइवेट स्कूलों में नहीं भेज सकता ओर सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होगी तो फिर गरीब परिवार बच्चो को शिक्षा कहा से दिलाएगा ? एक तरफ सरकार कह रही है कि बच्चो को अधिक से अधिक सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलावो ओर दूसरी तरफ इस तरह के बेपरवाह लापरवाह प्रधानाध्यापक सरकारी विद्यालयों में आसन लगा कर रुके रहेंगे तो गरीब परिवार के विद्यार्थियों के साथ घोर अन्याय होगा। इसलिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से प्रधानाध्यापक ओमनारायण मीणा को विद्यालय से तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है जिससे विद्यालय के सभी अध्यापक पूर्व की तरह  पढ़ाई करा सकें ओर फिर से यह विद्यालय उत्कृष्ठ विद्यालयों की श्रेणी में उच्च आ सके। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राधेश्याम योगी ने लिखित में प्रधानाध्यापक को हटाने का आश्वासन दिया तब ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोला गया। ज्ञापन देने वालों में नरसिंहपुरी पूर्व सरपंच गोपाल सैनी, गोकुल सैनी, कैलाश सैनी, श्रीराम नेता, हरिराम सैनी, ओमप्रकाश सैनी, पंकज सैनी, मुकेश सैनी, राजेंद्र सैनी, सीताराम सैनी, महिपाल सैनी, धर्मपाल पंच अशोक सैनी, रामदेव सैनी, सुभाष सैनी, गगन सैनी, मोती सैनी, अर्जुन सैनी, गोविंद सैनी, दिनेश सैनी, किशोर सैनी, ताराचंद सैनी, आदि ग्रामीण मौजूद थे।
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