नीमकाथाना। हसामपुर गाँव में नरेगा श्रमिकों की कोरोना काल में भी उपस्थिति काटने पर विरोध प्रदर्शन करने का मामला सामने आया है। जानकारी अनुसार नरेगा के तहत हसामपुर गाँव के जोहडी में मिट्टी खुदाई का कार्य चल रहा है। इसमें मननरेगा के करीब 200 श्रमिकों का कार्य कर रहे है, जो सुबह 7 बजे से सायं काल 3 बजे तक करते है। बुधवार को काम पर आये श्रमिकों ने जाँच करने वाले अधिकारियों पर आरोप लगाया कि हम कार्य पर नवरात्रि पर्व पर महिला पूजा कार्यक्रम में व्यस्तता की वजय से पांच मिनट लेट हो गये। जब हम  सुबह 7 बजकर पांच मिनट पर पहुंचे तो अधिकारी मौके पर उपस्थिति थे। उन्होंने हमारी अनुपस्थित लगाने की बात कही पर हमने उनसे निवेदन किया। लेट का कारण बताया पर फिर भी 5 मिनट लेट पर उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी और सभी की अनुपस्थित लगा दी। उपस्थित मैटो ने भी निवेदन किया। ऐसे में हम कोरोना काल में वैसे ही परेशान हैं। और अधिकारी के रवैये ने अधिक परेशानी में डाल दिया। हमारे को दिनभर की मजदूरी भी कम दी जाती है।  महिलाओं ने बताया कि हम सुबह से यहाँ उपस्थित हैं हम कार्य करने के लिए तैयार है। ऐसे में घर से आने में हमारा समय खराब हुआ है। हम पूरे दिन यही रहेंगे। आखिरकार थक हार कर विरोध जताते हुए 10:30 बजे महिला श्रमिकों ने धीरे धीरे घर की ओर जाना शुरू कर दिया। साथ ही प्रशासन से माँग की ऐसी संकट की घड़ी में रियायत बरतते हुए हमारी उपस्थिति की जाये।
हम ओजार पानी की व्यवस्था भी स्वयं करते हैं।

इन्होंने सुनाई पीड़ा
 महिला ने बताया की उनके पास ना जमीन ना जायदाद एक समय का खाना मिलता है दूसरे का पता नहीं हम बहुत गरीब हैं। इस रवैया से कैसे काम चलेगा
चमेली,नरेगा श्रमिक,
पांच लेट होने पर लगा दी अनुपस्थिति
मैं सुबह 5 मिनट की देरी से लेट हुआ लेट का कारण नवरात्रि पूजा बताया फिर भी अधिकारी ने नहीं सुनी
महेश लखेरा,नरेगा मैट
इनका कहना है
8:15 तक कोई भी श्रमिक कार्य स्थल पर नहीं पहुँचा ।अधिकारी ने मेरे को खुद फोन पर बताया।
रेखारानी व्यास ,विकास अधिकारी पाटन 


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