नीमकाथाना। पाटनवाटी क्षेत्र में खनिज क्षेत्र से जुड़े वाहन क्षमता से अधिक वजन ले जा रहे है जबकि माननीय उच्च न्यायालय ने परिवहन विभाग को स्पष्ट आदेश जारी किए है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए परन्तु परिवहन विभाग द्वारा ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने से इन वाहन मालिकों के हौसले बुलंद हो रहे है। सैकड़ो ओवरलोड वाहन क्षमता से अधिक वजन लादकर दलपतपुरा ग्राम पंचायत होकर हरियाणा की तरफ निकल जाते हैं जिससे हाल ही में बनी सड़क भी जगह जगह से टूटने लगी है। ग्राम पंचायत सरपंच बलराम गुर्जर ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन परिवहन विभाग जिला कलेक्टर को भी अवगत करवा चुके हैं परंतु प्रशासनिक स्तर पर भी इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। हरियाणा की तरफ जाने वाले सैकड़ों ओवरलोड वाहनों के पास तो ई-रवन्ना तक नहीं है जिससे राजस्व को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वही ओवरलोड वाहनों में पत्थर, डस्ट,रोडी भरी होने से कई बार इन वाहनों से रोड़ी पत्थर एवं डस्ट भी रोड पर गिरती रहती है जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है। सरपंच बलराम गुर्जर ने संवाददाता को बताया कि इस बारे में परिवहन विभाग, उपखंड अधिकारी नीमकाथाना, पाटन पुलिस एवं जिला कलेक्टर को भी कई बार शिकायत भेजी गई थी परंतु वंहा से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई अपितु वाहन मालिकों से दुश्मनी और हो गई। रामपुरा बेगा की नंगल से दलपतपुरा गांव की सड़क तत्कालीन भाजपा सरकार में बनाई गई थी जिसकी क्षमता 30 टन की है परंतु इस सड़क पर 80 से 100 टन के ओवरलोड वाहन चलने से अब यह सड़क भी टूटने लगी है। जिन जवाबदेही अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए थी वे जवाबदेही अधिकारी कुंभकरणी नींद में सो रहे हैं जिसके चलते ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
फोटो संलग्नः- 01 चैक पोस्अ से गुजरता ओवरलोड वाहन

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