नीमकाथाना-भारत सरकार द्वारा नाटापन, दुबलापन एवं कुपोषण की दर में कमी लाने एवं गभर्वती व धात्री महिलाओं तथा 0-6 वर्ष की आयुवर्ग के बच्चों में पोषण स्तर में सुधार लाने हेतु राष्ट्रीय पोषण मिषन शुरु किया गया है। देष में कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिए इस अभियान को एक जन आंदोलन के रुप में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत गुरूवार को ब्लाॅक के सभी 260 आंगनबाडी केन्द्रो पर गर्भावस्था परामर्ष दिवस एवं प्रवेषोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम पाटन के बल्लूपुरा स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पर आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में सीडीपीओ संजय चेतानी उपस्थित हुए।
कार्यक्रम को प्रारम्भ करते हुए राष्ट्रीय पोषण मिषन के ब्लाॅक काॅर्डिनेटर अंषुल श्रीवास्तव ने उपस्थित जन समुदाय को कुपोषण के विविध रुपों के संबंध में जानकारी देते हुए आगाह किया कि गर्भावस्था के रहे कुपोषण के भयावह परिणाम होते हैं जो हमारी आने वाली पीढियों को भुगतने पडते हैं। सीडीपीओ संजय चेतानी ने सभी उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर सभी प्रकार के टीके लगवाने चाहिए, उन्होने कृमिनाषक गोलियों व आयोडीन युक्त नमक के उपयोग एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में विस्तार से बताया। केन्द्र पर पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की पारम्परिक तरीके से गोद भराई की रस्म करके उनके सुरक्षित मातृत्व की कामना की गई, कार्यक्रम में राष्ट्रीय पोषण अभियान के ब्लाॅक प्रोजेक्ट एसोसिएट शेर सिह मीणा, आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ता उम्मेद कँवर, सहायिका ममता देवी भी उपस्थित थे।


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