किसानों ने किया बिजलीघर का घेराव, बिजली की मांग को लेकर किसानों ने दिया ज्ञापन

रिपोर्ट- मनोज कुमार मीणा
नीमकाथाना: पाटन क्षेत्र के आस पास गांव में कई दिनों से बिजली की सप्लाई नहीं हो रही है, इससे नाराज होकर किसानों ने बिजलीघर का घेराव किया। किसानों ने दिन में बिजली की लगातार सप्लाई की मांग करने को लेकर ज्ञापन दिया तथा समय पर मांगे नहीं मानने पर सड़क जाम करने की चेतावनी दी। किसानों का कहना है कि बिना बिजली के उनकी फसलें खराब हो रही हैं। और बिजली विभाग ने रविवार रात से बिजली लाइन किसानों के लिए रात को देना स्टार्ट किया जब किसान बिजली विभाग के कर्मचारी से पूछते हैं तो बताया किस सरकार का नियम है ऐसे में इन लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमे होने चाहिए। किसानों का कहना है कि इन दिनों खेतों में उनकी फसलें सूख रही हैं मगर बिजली विभाग कि लापरवाही से हमको समय पर सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल रही है।

पाटन बिजलीघर का घेराव
पाटन क्षेत्र के आस पास के गांव के कई दिनों से बिजली की सप्लाई नहीं हो रही है, और रात के समय बिजली 2  घंटे तक देना शुरू कर दिया जिससे किसानों को नाराज होकर किसानों ने बिजलीघर का घेराव किया।

किसानों का कहना है कि बिन बिजली के उनकी फसलें खराब हो रही हैं। ऐसे में इन लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। खेतों में सूखती फसलें उनके लिए बड़ी परेशानी बन रही है। बिजली विभाग ने दिन में भी समय पर लाइट नहीं देते और रात को देने लग गए।

बिना पानी सूख रही फसलें
किसानों ने बताया कि बिजली घर की लापरवाही से हजारों किसान प्रभावित हो रहे हैं। बिजली की आपूर्ति न मिलने के कारण  फसल सूखकर जल रही है। अगर समय से फसल की सिंचाई नहीं की गई तो पैदावार कम होगी। इसके कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

किसानों ने बिजली विभाग से ट्यूबवेल के लिए 7 घंटे बिजली सप्लाई पूरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि अघोषित बिजली कटौती के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिना बिजली की सप्लाई के नलकूप बन्द हैं। इस परेशानी का कोई स्थाई समाधान नहीं हो रहा है।

बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जा रहा है। लगातार सात दिनों के इंतजार के बाद आज बिजली घर का घेराव करने पहुंचे। बिना बिजली के सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसानों ने सहायक अभियंता फूलचंद जांगिड़ और कनिष्ठ अभियंता प्रदीप को ज्ञापन देकर कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हम नीमकाथाना पाटन सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
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