जालौर में छात्र की मौत के मामले में नीमकाथाना में आक्रोश, विभिन्न संगठनों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन





नीमकाथाना। जालौर के ग्राम सुराणा की निजी स्कूल में छात्र इंद्र मेघवाल के साथ बेरहमी से की गई मारपीट व हत्या के आरोपी पर शख्त व त्वरित कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी देने को लेकर विभिन्न संगठनों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री व पुलिस महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अवगत करवाया कि जालौर जिले में सरस्वती विद्यालय के शिक्षक द्वारा छात्र इंद्र के साथ बेरहमी से मारपीट की गई तथा उपचार के दौरान पीड़ित छात्र की मृत्यु हो गई। भारत देश अपनी आजादी के 75 वर्ष पूर्ण कर अमृत महोत्सव मना रहा है लेकिन आज तक भी देश व प्रदेश में दलित वर्ग लगातार अत्याचार व र्दुव्यवहार की घटनाएँ हो रही है। हाल ही में प्रदेश में दलित वर्ग के युवक की पाली जिले में लम्बी मूंछों के कारण व बीकानेर जिले में कान में कुडकी पहनने के कारण मनुवादी व जातिवादी सोच के लोगों ने हत्याएँ की है। इन घटनाओं से दलित वर्ग में काफी रोष व आक्रोश व्याप्त है। इस दौरान अभिभाषक संघ नीमकाथाना, एसएफआई, डीवाईएफआई,  रेसला, रेस्टा, राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर, डॉ भीमराव अम्बेडकर मानव कल्याण संस्थान नीमकाथाना व टोड़ा के संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा। विभिन्न संगठनों की सरस्वती विद्यालय की मान्यता रद्द करने की भी मांग की। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति ना हो। इस दौरान बार संघ अध्यक्ष सत्यनारायण यादव, गोपाल सैनी, प्रवीण मिठारवाल, मनोज मीणा, नंजू महरानियां, राजेश कुमार बायला, विकास टेलर, अरविन्द ढिलान, रमेश वर्मा, राजेंद्र कुमार बबेरवाल, शिक्षा सचिव कैलाश वर्मा, चंदगीराम, हनी वर्मा, शंभू दयाल बबरेलवाल आदि मौजूद रहे।
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