रैला में खनन करते समय अचानक पहाड़ दरकने से बड़ा हादसा हुआ, मशीनों सहित कई मजदूर दबने की आंशका, रेस्क्यू में दो शवों को निकाला बाहर


नीमकाथाना ब्यूरो....
रैला गांव में शनिवार देर रात खनन करते समय पहाड़ दरकने का मामला सामने आया हैं। जिसके नीचे काम कर रहे कई मजदूरों के दबने की आंशका जताई जा रही हैं। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी सहित पुलिस मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया। रात को एक मजदूर का शव व एक सुबह निकाला गया। जिनको राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। मृतकों में एक की शिनाख्त दलपतपुरा निवासी सुभाष गुर्जर के रूप में हुई है। जो कैंपर लेकर खदान में गया था। हादसे में कैंपर सहित दबने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बड़े बड़े पत्थरों से कैंपर पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गई  वहीं, दूसरा शव पूरी तरह क्षत विक्षत होने से पहचान नहीं हो पाई है। मौके पर एसडीएम बृजेश गुप्ता, तहसीलदार मुनेश सर्वा, सहायक खनिज अभियंता अमीचंद दुहारिया, सहायक खनि अभियंता विजिलेंस प्रमोद बलवदा सहित कई लोग मौजूद है।
 
रात से जारी रेस्क्यू, मशीन सहित मजदूर दबे
रैला में हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। यहां दो डंपर, एक कैंपर व एक ड्रिल मशीन सहित कई उपकरणों के साथ मजदूर खुदाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ दरक गया। जिसके नीचे मजदूर दब गए। पहाड़ के टुकड़े इतने भारी भरकम थे कि उनमें खड़े वाहनों का सिरा तक नहीं दिखाई दिया। सूचना पर एसडीएम बृजेश गुप्ता व पाटन थानाधिकारी बृजेश सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। खान में हादसे की खबर सुनकर आधी रात को भी ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।  

मृतक कैंपर चालक के परिजनों ने की मुआवजा मांग
मृतक कैंपर चालक सुभाष का शव सुबह कैंपर में ही मिला। पहाड़ का बड़ा टुकड़ा गिरने पर कैंपर क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पर उसके परिवार में कोहराम मच गया। दलपतपुरा से परिजनों के साथ ग्रामीण भी खदान पहुंच गए। जहां ग्रामीण खदान मालिक को मौके पर बुलाने व 40 लाख रुपए के मुआवजे की मांग पर अड़ गए। प्रशासन की टीम ग्रामीणों को समझाने में जुटी है।

हादसे के बाद फिर उठी अवैध खनन रोकने की मांग, मिलीभगत लगाए आरोप
अवैध खनन व खदानों में सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की मिलीभगत से अवैध खनन व परिवहन होता रहता हैं। शिकायतों के बाद भी इनपर कोई उचित कार्रवाई नहीं की जाती जिनसे इनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। यहां आए दिन भारी ब्लास्टिंग भी की जाती हैं जिससे आसपास के मकानों में दरारें तक आ गई। हादसे के बाद प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए गए। 
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