अग्निपथ योजना के विरोध में निर्दोष युवाओं पर लगे मुकदमें हटाने को लेकर ज्ञापन सौंपा, इधर पुलिस ने 21 जनों को प्रोडक्शन वारंट पर किया पेश, न्यायालय ने भेजा जेल



 नीमकाथाना। अग्निपथ योजना के विरोध में हुए हिंसाजनक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार युवकों के परिजनों ने मुकदमा हटाने को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी बृजेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
रमेश चंद्र जांगिड़ ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए बताया कि शहर में प्रदर्शन शांत था। नीम का थाना पुलिस व प्रशासन ने युवाओं को सड़कों पर आते जाते, दुकानों के अंदर से उठा कर गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने छात्रों से उनके लैपटॉप व मोटरसाइकिल भी छीन लिए।
यह है मांग
ज्ञापन में मांग की है कि निष्पक्ष जांच करवाकर पुलिस ने जो बर्बरता दिखाई उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निर्दोष, नौजवान युवाओं का शैक्षणिक भविष्य बचाए और गिरफ्तार युवाओं न्याय दिलाया जाए। इस दौरान रमेश चंद्र जांगिड़, राजेंद्र कुमार, लीलाराम जाट, पूरण मल, राजू सैनी सहित का परिजन मौजूद रहे।

पुलिस द्वारा किए दर्ज मामले में भी 21 युवाओं को जेल
इधर, कोतवाली पुलिस ने अग्निपथ योजना के विरोध में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने बस में तोड़फोड़ करने वाले 21 युवाओं को प्रोडक्शन वारंट पर सब जेल से न्यायालय में पेश किया। जिनको मजिस्ट्रेट ने जेल भेजा। थानाधिकारी बद्री प्रसाद मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि गत शुक्रवार को शहर में अग्निपथ के विरोध में युवाओं के प्रदर्शन में रोड़वेज बस में तोड़फोड़ व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। जिसपर पुलिस ने करीब 21 जनों को गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा किए गए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में मामला दर्ज किया गया था। जिनको प्रोडक्शन वारंट पर न्यायालय में पेश किया गया। सभी को जेल भेजा गया।
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