नीमकाथाना उपखंड क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया, मेलो का हुआ आयोजन

नीमकाथाना न्यूज़: उपखंड क्षेत्र नीमकाथाना के विभिन्न इलाकों में रविवार को हनुमान जन्मोत्सव विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मनाया गया। हनुमान मंदिरों में आज सुबह से ही भजन कीर्तन जारी रहा। मंदिरों में अखंड हरिकीर्तन होने से वातावरण भक्तिमय रहा। इस दौरान लोगों ने माथे पर लाल तिलक लगाया। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाया। तहसील क्षेत्र में सभी मुख्य बालाजी धामों पर मेला भरा। कस्बे के जोड़ला जोहड़ा में स्थित 100 वर्षों से भी पुराने हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव पर आज मेला भरा। मंदिर के मुख्य महंत गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि सुबह से ही मंदिर भक्तों का तांता लगा रहा। शाम को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया।  अजीतगढ़ की  नृसिंह भगत एंड पार्टी ने जागरण के दौरान भजनों की प्रस्तुति दी।
सिरोही: ग्राम सिरोही में उपलाबास स्थित श्री संकट मोचन वीर हनुमान का मेला भरा। पुजारी ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि मेले के दौरान गंगाराम म्यूजिकल पार्टी ने अपनी रंगारंग प्रस्तुति दी। सुबह मनोहर झाकियां निकाली गई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को कुश्ती दंगल का कार्यक्रम हुआ। 

झड़ाया धाम: ग्राम झड़ाया धाम में हनुमान जन्मोत्सव पर आस पास के गांवों से भक्त निशान लेकर पहुंचे। मेला कमेटी के प्रमुख कार्यकर्ता विकास कुमार ने बताया कि भक्तों ने बड़ी तादात में निशान चढ़ाए। ग्राम चला की तरफ से जीवंत झाकियों के साथ चार डीजे के साथ शोभायात्रा झड़ाया धाम पहुंची। अलवर की गौरी सुदामा एंड पार्टी ने रंगारंग प्रस्तुति दी। 

गोविंदपुरा: ग्राम गोविंदपुरा में मेहंदीपुर बालाजी का हनुमान जन्मोत्सव पर विशाल मेला भरा।  सुबह हनुमान मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। भक्तों ने बड़ी संख्या में निशान चढ़ाएं। दोपहर को शोभायात्रा व सुंदर झाकियां  निकाली गई। मेले को लेकर ग्रामीणों में अच्छा खासा उत्साह दिखा। महिलाएं मेले में खरीददारी करती नजर आई। जागरण के लिए दो-दो भजन पार्टियों ने अपनी प्रस्तुति दी। मेले में कुश्ती का आयोजन किया गया। 

सांवलपुरा: ग्राम सांवलपुरा से दुलावाला बालाजी तक हनुमान जन्मोत्सव पर पांचवी पदयात्रा निकाली गई। सामाजिक कार्यकर्ता रामावतार गुर्जर ने बताया कि सुंदर झाकियों के साथ डीजे पर भजनों की धुन के साथ पांचवी पदयात्रा निकाली गई। सैकड़ों से ज्यादा भक्तों ने  बालाजी मंदिर में निशान चढ़ाए।
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