भविष्य की "साक्षी" को मिलेगी नई जिंदगी@ पाटन के रेफरल अस्पताल की नाली में मिली थी नवजात शिशु अब खतरे से बाहर

नीमकाथाना। उपतहसील पाटन रेफरल अस्पताल के बाहर नाली में मिली नवजात बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। खून में संक्रमण होने के चलते नवजात को सीकर जनाना अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। मामले को लेकर सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष डॉक्टर मधु आर्य और संप्रेषण गृह सीकर के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। संप्रेषण गृह की अधीक्षक डॉक्टर गार्गी शर्मा ने नवजात का "साक्षी" नाम रखा है।
सीकर के जनाना अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड के चिकित्साकर्मीयों ने बताया कि पाटन के रेफरल अस्पताल की नाली में नवजात शिशु रोती हुई मिली थी। जिसको राजकीय कपिल अस्पताल में भर्ती कर रविवार शाम को सीकर रैफर किया गया था। बच्ची नाली में मिलने के 2 घंटे पहले ही जन्म हुआ था। नवजात की सुबह खून की जांच की गई जिसमें संक्रमण पाया गया। ऐसे में फिलहाल बच्ची को एंटीबॉडी के इंजेक्शन दिए गए। इसके लिए उसे अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है। नवजात बच्ची की हालत में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है।
राजकीय संप्रेषण गृह सीकर की अधीक्षक डॉ. गार्गी शर्मा ने बताया कि बच्ची के डिस्चार्ज होने के बाद उसे संप्रेषण गृह ले जाया जाएगा। दो महीने तक उसके माता-पिता लेने नहीं आते तो गोद देने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं पुलिस नवजात के माता-पिता की तलाश कर रही है।

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