पाटन -- मीणा की नांगल माइनिंग जॉन में गिरने वाली सवाई चक भूमि एवं खातेदारी भूमि से खनन माफियाओं द्वारा रास्ता बनाया गया था तथा अपने ओवरलोड वाहनों को उस रास्ते से होकर निकालने में लगे हुए थे। जब ग्रामीणों को पता चला कि खनन माफियाओं ने सवाई चक भूमि में से अवैध तरीके से रास्ता निकाल लिया तो उन्होंने इसकी शिकायत ग्राम पंचायत सरपंच बलराम गुर्जर को की। इस पर ग्राम पंचायत सरपंच ने अपने लेटर पैड पर शिकायत बनाकर नायब तहसीलदार पाटन को दी और कार्रवाई की मांग की। नायब तहसीलदार धर्मेंद्र स्वामी मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से सवाई चक भूमि में से निकाले गए रास्ते को तीन जगह खाई खोद कर बंद कर दिया गया। इस दौरान पंचायत समिति के पूर्व प्रतिपक्ष नेता सुरेश यादव उपस्थित रहे और उन्होंने भी ग्रामीणों का सहयोग करने की बात कही। सुरेश यादव ने बताया कि माइनिंग जॉन से किसी भी हालात में अवैध तरीके से रास्ता नहीं निकालने दिया जाएगा इसके लिए हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इधर खनन माफियाओं का कहना है कि हमने ग्रामीणों से खातेदारी भूमि को किराए पर लेकर रास्ता बनाया है तथा प्रशासन ने गलत तरीके से रास्ते को अवरुद्ध किया है। रास्ता अवरुद्ध करने के बाद खनन माफियाओं के वाहन माइनिंग जॉन मे नहीं आ पा रहे हैं जिस कारण खनन माफियाओं के धंधे भी चौपट होने के कगार पर है। मीणा की नांगल के लोग विगत दो-तीन सालों से सवाई चक एवं गोचर भूमि को बचाने में लगे हुए हैं वही खनन माफिया गोचर भूमि एवं सवाई चक भूमि से रास्ता निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

नीमकाथाना न्यूज़

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