नीमकाथाना। मां जाति सर्वोपरि है परन्तु मृत भ्रूण अपनी इस हालत के जरिए मां का दूसरा रूप भी दर्शा रहा है। मेरी किलकारियों का कत्ल कर मुझे मृत स्थिति में छोड़ दिया। जमीन पर पड़ा मिट्टी से सना मुंह खोले मानवता को कोस रहा मृत भ्रूण, घटना सीकर जिले की नीमकाथाना तहसील के ग्राम मावंडा की ढाणी डूंगरवास की है। सोमवार रात को महिलाओं ने झाड़ियों में नवजात के रोने की आवाज सुनी। देखा तो बच्ची थी। देखते ही देखते बच्ची की मौत हो गई। इस दौरान आसपास में सनसनी फैल गई। गांव वालों को पता चला तो उन्होंने बच्ची को जमीन में दफना दिया। देर रात बच्ची को दफना देने की सूचना पुलिस को मिली तो उन्होंने मिट्‌टी में दबा शव निकाला और जीलो गांव के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार को सुबह जीलो अस्पताल से नीमकाथाना राजकीय कपिल अस्पताल में लाया गया। चिकित्सकों की टीम द्वारा मृत नवजात का पोस्टमार्टम किया गया। जानकारी के अनुसार मुंडा की ढाणी डूंगरदास में शाम करीब साढ़े सात बजे महिलाएं चाक पूजन के लिए जा रही थी। तभी नवजात के रोने की आवाज सुनकर झाड़ियों में देखा तो बच्ची तड़प रही थी। उसी दौरान उसकी मौत हो जाने पर गांव वालों ने सोचा कि शव कुत्ते नहीं खा जाए। उन्होंने उसे जमीन में दबा दिया। युवा नेता विजय माली ने बताया कि नवजात को दफनाने की सूचना पुलिस को दी। नीमकाथाना सदर व पाटन पुलिस मौके पर पहुंची। सदर पुलिस का इलाका नहीं होने के बाद सदर पुलिस ने वहां से चली गई। बताया जा रहा है कि किसी ने नाजायज पैदाइश छिपाने के लिए नवजात को झाड़ियों में फेंक दिया। बच्ची पूर्ण विकसित थी। पाटन थानाधिकारी नरेन्द्र भढ़ाणा ने बताया कि मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। वही अब पाटन पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। कई सामाजिक संगठनों सहित एसएनकेपी कॉलेज के छात्र छात्राओं में गुस्सा फूटा, छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद सैनी के नेतृत्व मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। सभी ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।




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