नीमकाथाना। शाहपुरा रोड़ स्थित खातेदार भूमि में नजूली भूमि के नाम का फर्जी पट्टा जारी कर संपत्ति खुर्द बुर्द करने को लेकर परिवादी ने पुलिस महानिदेशक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर  के यहां परिवाद दर्ज करवाया। दर्ज परिवाद के मुताबिक बताया की मेरी खातेदारी भूमि शाहपुरा रोड़ पर खसरा नंबर 741/1/2 ग्राम नीमकाथाना में खातेदार घुमाना राम जाट की मृत्यु के पश्चात उक्त भूमि का विरासत का नामांतरण हरिद्वारी लाल पुत्र गुमाना राम जाट के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। उक्त भूमि हमेशा से ही कृषि भूमि रही है। उक्त भूमि को कभी भी किसी भी व्यक्ति को बैचान विक्रय हस्तांतरण नहीं किया। उक्त भूमि को हड़पने की नीति से खुर्द बुर्द करने के आशय से कमला देवी पत्नी महावीर प्रसाद मित्तल एवं उनके पुत्र गण परिजनों ने तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी, तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष नीमकाथाना से मिलकर षड्यंत्र रचकर उक्त भूमि में से नजुली भूमि का फर्जी पट्टा तैयार कर लिया जोकि सरासर ग़लत है। वहीं दिनांक 2 नवंबर 2018 को समाचार पत्र में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष त्रिलोकचंद दीवान व तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी सलीम खान ने मिलकर षड्यंत्र रचकर कमला देवी के वारिसान पुत्रगण दिनेश कुमार एवं मुकेश कुमार से मिलकर पट्टा क्रमांक 12 को आधार मानकर उक्त जगह की आवासीय निर्माण स्वीकृति वास्ते नगर नियोजक सीकर को अनुशंसा पत्र भेजकर निर्माण स्वीकृति प्रदान की। आवासीय निर्माण स्वीकृति के बाद दिनेश कुमार, मुकेश कुमार ने उक्त भूमि पर पांच बहुमंजिला वाणिज्य भवन में करोड़ों रुपए लगाकर निर्माण कर दिया गया। यह कृत्य धोखाधड़ी करने एवं मुझ को हानि पहुंचाने के लिए किया गया जबकि उक्त कृत्य का पता लगने पर मैनें न्यायालय राजस्व मंडल अजमेर में निगरानी एलआर/3592/2020/सीकर उनवान हरिद्वारी लाल बनाम राजस्थान सरकार में पारित निर्णय 1 अक्टूबर 2020 अनुसार निगरानी स्वीकार की जाकर पत्रावली संख्या 279/2001 में पारित आदेश दिनांक 27/ 7/ 2001 खसरा नंबर 741/1/2 की हद तक 90 बी आदेश को अपास्त किया गया। परिवाद में उक्त व्यक्तियों द्वारा धोखाधड़ी की कार्यवाही की गई है उक्त लोगों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने की मांग की।

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