नीमकाथाना/पाटन@अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी द्वारा आज नीमकाथाना को नहर से जोड़ने को लेकर केंद्रीय सिंचाई मंत्री भारत सरकार  के नाम का ज्ञापन उपखंड अधिकारी नीमकाथाना को सौंपा है। तहसील सचिव कामरेड रोशन लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पाटन पंचायत समिति के सभी सरपंचों ने अपने हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में लिखा है कि पाटन वाटी क्षेत्र का जलस्तर धीरे-धीरे गहराता हुआ जा रहा है जिसे पीने के पानी की समस्या भयंकर हो रही है। रायपुर बांध जो जिले का सबसे बड़ा बांध है वर्तमान में सूखा पड़ा हुआ है जिसमें अनेक गांव में खेती होना मुश्किल हो गया है तथा ग्रामीणों व किसानों का आर्थिक नुकसान हो रहा है।
क्षेत्र के किसान फसल के लिए बोरिंग करवाते हैं परंतु जलस्तर नीचे चले जाने के कारण से अधिकांश बोरिंग ड्राइ चले जाते हैं।उपखंड क्षेत्र नीमकाथाना में नहर आने से रायपुर बांध, खुर्दिया बांध, भूदोली बांध, राणासर बांध, जीलो बांध, व अनेकों बांधों समेत एनीकटो में व जोहड, तालाब आदि में पानी की आवक हो सकती है। उपखंड क्षेत्र में पानी के अभाव से ग्रामीण किसानों का पशुधन जिसमें बकरी, गाय, बैल, भैंस, आदि बर्बाद होने के कगार पर है। क्षेत्र के किसानों ने केंद्रीय सिंचाई मंत्री से मांग की है कि अविलंब क्षेत्र में नहर की व्यवस्था की जाए ताकि क्षेत्र के किसानों को कुछ राहत मिल सके। ज्ञापन में तहसील अध्यक्ष लखन लाल सैनी, ग्राम पंचायत रामपुरा बेगा की नांगल सरपंच सतपाल यादव, सचिव कामरेड रोशन लाल, मोठूका सरपंच लीलाराम, पाटन सरपंच मनोज कुमार चौधरी,  ग्राम पंचायत दलपतपुरा सरपंच बलराम गुर्जर, बल्लूपुरा ग्राम पंचायत सरपंच सहित सैकड़ों किसानों ने ज्ञापन में हस्ताक्षर किए हैं।पूर्व में भी क्षेत्र के हजारों किसानों ने रायपुर बांध पर एक मीटिंग का आयोजन कर नहर की मांग रखी थी परंतु केंद्र सरकार द्वारा अभी तक किसानों की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जिससे क्षेत्र के किसानों में मायूसी देखने को मिल रही है।