नीमकाथाना/पाटन@ भारतीय सेना के जवान ने स्वयं के साथ मारपीट करने को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर न्याय की गुहार लगाई। शिकायत में जवान भूप सिंह ने अवगत करवाया है कि 21 अप्रैल को साढे 7 बजे मैं मेरे भाई भागीरथ को जो पाटन पुलिस में विगत 7 महिने से वांछित चल रहा था को सरेन्डर करवाने आया था। जहा मेरे से मेरे भाई भागीरथ की पासपोर्ट फोटो मांगी तब मै फोटो देने के लिए वापस थाने गया तो एएसआई विजयपाल मुझे गाली गलोच निकालने लगा और बेवजह मेंरे साथ मारपीट करने लगा मैने जब इसका विरोध किया तो हेड कांस्टेबल जगरूप सिंह एवं हरिराम भी मौके पर आ गऐ और उन लोगो ने भी मेंरे साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान मेरी बाईं तरफ की पसलीं, गर्दन, कमर तथा बाऐं हाथ में चोट भी आई है। इतना ही नही एएसआई विजयपाल ने अपनी सर्विस रिवोल्वर मेरी कनपटी पर भी तान दी तथा जेब में रखा मोबाइल एवं मेरा सेना का पहचान पत्र भी निकाल लिया। जवान ने यह भी आरोप लगाया कि जब सेना के जवान के साथ ऐसा व्यवहार कर सकते है तो आम लोगोे का क्या हाल होगा। इस प्रकरण के बारे में अपने अधिकारियों सहित राजस्थान के गृह सचिव, पुलिस अधिक्षक, अति. पुलिस अधिक्षक को भी शिकायत भेेेजी है। जवान भूप सिंह ने बताया कि मेरे भाई भागीरथ को पाटन थाने में मैं लेकर गया था लेकिन पाटन पुलिस ने आरोपी को स्यालोदडा में पीछा कर घेराबंदी कर पकडने का समाचार भी छपवाया है जिसकी फुटेज सीसीटीवी में देखीं जा सकती है।


इधर पाटन थानाधिकारी नरेन्द्र सिंह बढाणा का कहना है कि भागीरथ पुत्र बनवारी लाल जाट  निवासी दयाल का नांगल के खिलाफ पाटन थाने में नकबजनी, आर्मस ऐक्ट, राजकार्य में बाधा, मारपीट के 9 प्रकरण दर्ज है तथा अभियुक्त हिस्ट्री शीटर बदमाश है। पाटन पुलिस जब आरोपी को गिरफ्तार करने उसके घर गई तोे परिजनो ने पुलिस के साथ झगडा किया एवं आरोपी को मौके से फरार कर दिया। इसके संबंध में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी का भाई भूप सिंह पुलिस पर गलत एवं बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। पुलिस थाने में इस तरह का कोई प्रकरण नही हुआ।

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