नीमकाथाना-भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की तरफ से शुक्रवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकत्ताओं के लिए वित्तीय जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए सीडीपीओ संजय चेतानी ने बताया कि वर्तमान युग में डिजिटल भुगतान का महत्व बढ़ता जा रहा है और साथ-साथ ऑन-लाइन ठगी के नित नये प्रकरण सामने आ रहे हैं। वित्तीय साक्षरता आज के युग की महत्ती आवश्यकता है। सेबी के रिसोर्स पर्सन सतीश यादव ने उपस्थित संभागियों को बताया कि कोई भी व्यक्ति अनेक प्रकार से ऑन-लाइन ठगी का शिकार हो सकता है। फर्जी बैंक अधिकारी बनकर एटीएम की गोपनीय जानकारी पूछकर ऑन-लाइन ठगी करना, एलआईसी या इंश्योरेंस अधिकारी बनकर ठगी, सिमकार्ड अपडेट करने के नाम पर ठगी, फर्जी ई-मेल के माध्यम से ठगी, इन्कम टैक्स रिफण्ड के नाम पर धोखाधड़ी आदि अनेक तरीके प्रचलित हैं।
ऑन-लाइन ठगी का शिकार होते ही तत्काल पुलिस को सूचना दें, बैंक जाऐं और खोए हुए एटीएम क्रेडिट कार्ड को तत्काल बंद करवायें। ठगी के बाद पुलिस एवं बैंक को सूचना देने में जितनी देरी होगी, राशि पुनः प्राप्त करने में उतनी ही कठिनाई होगी। यादव ने संभागियों से आग्रह किया कि मोबाइल से किसी को भी अपना एटीएम कार्ड नम्बर, ओटीपी, कार्ड के सीवीवी नम्बर की जानकारी साझा नहीं करें। विभिन्न प्रकार की वित्तीय कम्पनियों की सत्यता के सम्बन्ध में जाँच हेतु सेबी के टोल फ्री नम्बर 1800 266 7575 पर करने का सुझाव देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति इन नम्बरों पर इच्छित वित्तीय जानकारी प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित संभागियों को सेबी की तरफ से वित्तीय शिक्षा पुस्तिका का निःशुल्क वितरण किया गया। कार्यशाला का संचालन ब्लॉक कॉर्डिनेटर अंशुल श्रीवास्तव और शेर सिंह मीणा ने किया।


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