नीमकाथाना-न्यायिक अभिरक्षा में कैदी बलबीर मंगावा को धारदार हथियार से हमला करने व जान से मारने एवं सदर थाने में एफआईआर नम्बर 241/19 में धारा 376 में पुलिस से साजिश कर 90 दिन के अंतराल में अभियुक्त प्रमोद सैनी के विरूद्व आरोप पत्र पेश नहीं कर लाभ पहॅुचाने के मामले में सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रर्दशन करते हुए उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, जिला कलैक्टर, पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। बलबीर मंगावा को जान से मारने की साजिश की गई। बलबीर को अनिल उर्फ बबलू, बबन कुमार सैनी व लीलाराम सैनी तीनों मिलकर सदर थाने में मुकदमा नम्बर 241/19 में धारा 376 में गवाहों के बयानों को बदलवाने के लिए राजीनामा व दबाव बना रहे थे।
मंगावा इस बात पर राजी नहीं हुआ तो कांस्टेबल ताराचंद सैनी व सीओ रीडर सदीक खान के साथ मिलकर साजिश पूर्वक तीन लाख रूपये गलत रूप से बरामद करवाकर झूठे मुकदमें में फंसाया गया। कांस्टेबल सैनी ने मंगावा के पास कई बार कॉल भी किए थे। हनीट्रेप के झूठे मामले में जेल भिजवा दिया। उक्त सभी अभियुक्तों ने पहले से जेल में बंद प्रमोद सैनी से 14 सिंतबर की शाम को छावनी उप कारागाह में बंद कैदी पर धारदार हथियार से गर्दन पर हमला करवा दिया। जिसकों गभीर हालत में कपिल अस्पताल में भर्ती करवाया जहां हालत नाजुक होने पर जयपुर रैफर कर दिया गया था। ज्ञापन में मांग की है कि उक्त सभी अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही कर प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाई जावें। इस दौरान जाट छात्रावास अध्यक्ष हरिसिंह गोड़ावास, ईश्वर परदेशी, ओमवीर मंगावा, सुभाष लोचिब, माया देवी, शावत्री, सुशीला, मोहरी देवी, सरिता, विमला सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे