नीमकाथाना/पाटन-क्षैत्र में खनिज विभाग द्वारा स्वीकृत अधिकांश खदाने खुली पड़ी हुई है जो रोज मौत को न्योता दे रही हैं। इन खदानों में अनेकों बार घटनाएं भी घटित हो चुकी है उसके बावजूद भी खनिज विभाग द्वारा खदान मालिकों से फेंसिंग व चारदीवारी निर्माण नहीं करवा पा रही है। अधिकांश खदाने इतनी गहरी हो चुकी हैं कि उन खदानों में से पानी भी निकलना शुरू हो गया है, जिस कारण क्षैत्र का जल स्तर भी दिन प्रतिदिन गहरा होता जा रहा है। खदानें खुली होने के कारण इन खदानों में पशु पक्षी गिर जाते हैं जिनकी मौत हो जाती है।
हाल ही में गुसाई मठ के पास पूर्व छात्रसंघ नेता रविंद्र मीणा की तीन बकरियां खदान की चट्टानों पर जा पहुंची। परंतु जब रविंद्र मीणा को किसी व्यक्ति ने बताया की हरिओम माइंस के पास कृष्णा माइंस में तीन बकरियां फंसी हुई देखी तो खदान मालिकों से बात की तो खदान मालिकों ने कहा आप अपनी बकरियां निकाल कर ले जाओ। इस बारे में मीणा ने खनिज विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया लेकिन खनिज विभाग के अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट भोपाल के आदेशानुसार सभी खदानों के पास फेंसिंग व चारदीवारी होना जरूरी बताया गया ,उसके बावजूद भी खदान मालिकों द्वारा खदानों के पास किसी प्रकार की कोई फेंसिंग व चारदीवारी निर्माण नहीं किया गया जो अपने आप में न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। खनिज विभाग के अधिकारी भी इसके प्रति कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं। जिस कारण क्षैत्र में आए दिन इस तरह की घटनाएं घट रही हैं। पूर्व में भी खदान में भरे हुए पानी में कई महिलाओं एवं पुरुषों की डूबने से मौत हो चुकी हैं परंतु विभाग द्वारा कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। जिसको लेेकर खान मंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्या से अवगत भी करवाया।


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