30 टन की सड़कों पर दौड़ रहे हैं 80 टन के यमदूत, जगह-जगह से टूटने लगी सडक

पाटन-पाटन से रामपुरा बेगा की नांगल तक लगभग 6 किलोमीटर की ग्रामीण सड़क विगत 1 वर्ष पहले भाजपा के शासनकाल में बनाई गई थी। इस सड़क की क्षमता 30 टन की है तथा गारंटी 20 वर्ष की है परंतु इस सड़क पर सैकड़ों 70 से 80 टन ओवरलोड ट्रोले यमदूत की तरह चल रहे हैं जिस कारण आए दिन इस सड़क पर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। पंचायत समिति सदस्य व प्रतिपक्ष नेता सुरेश यादव ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के चलते 1 साल पहले बनी सड़क जगह-जगह से टूटने लगी है। इस बारे में यादव ने परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर रामचरण मीणा को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पाटन से रामपुरा बेगा की नांगल की टूटने लगी सडक
परिवहन निरीक्षक मीणा ने यादव को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि पाटन वाटी क्षेत्र माइनिंग जोन में आता है ऐसे में सैकड़ों डंपर ट्रोले रोड़ी ,डस्ट, व पत्थर से ओवरलोड भरे हुए निकलते हैं परंतु इन वाहनों को परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन का कोई डर या भय नहीं रहता है। अनेकों बार देखने को मिला इन डम्फरो मे  पत्थर इस तरह झूलते हुए आते हैं जिसका कोई पता नहीं चलता यह पत्थर कब और कहां गिर जाएं। जिस कारण पाटन स्टैंड पर भी आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। डाबला रोड होली चौक के पास आए दिन ओवरलोड ट्रकों से रोड पर ही रोड़ी  बिखर जाती है जिस कारण भी दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। पुलिस व परिवहन विभाग अगर इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें तो ये ओवरलोड वाहन क्षमता से अधिक माल नहीं ले जा सकते हैं।
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