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पालिकाध्यक्ष ने संघर्ष को कुचलने एवं गुमराह करने का काम किया- संघर्ष समिति

नीमकाथाना- फाटक संख्या 76 के नीचे डबल अंडरपास चालू करवाने को लेकर क्रमिक अनशन बुधवार को 45 वें दिन भी जारी रहा। लेकिन जनहित की समस्या जस की तस बनी हुई है। समिति संयोजक संवालराम यादव मुख्य इंजीनियर अनिल कुमार के 15 जुलाई के पत्र में साफ तौर पर डबल बॉक्स डालने एवं रेलवे ओवरब्रिज का विस्तार कर नयाबास रोड़ की तरफ उतारने की स्वीकृति का पत्र जिला कलेक्टर को लिखा।
             लेकिन नपा अध्यक्ष त्रिलोक चन्द दीवान ने जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही को तो आगे नही बढ़ाया ओर ना ही राज्य सरकार या नगर पालिका या रुड़सीको द्वारा 50 प्रतिशत खर्च की राशि की स्वीकृति दी। बल्कि संघर्ष को षड्यंत्र पूर्वक कुचलने एवं दिशा बदलने के लिये 27 जुलाई को एक पत्र DRM जयपुर के नाम लिखा। धरना स्थल पर आकर कहा कि हम डबल अंडर पास के लिये अप्रोच के लिये जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव जब राज्य सरकार को भेजे जब रेलवे की टीम हमे नक्शा बना कर दे। और यह भी कहा कि मेरे इस पत्र को संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल DRM जयपुर से वार्ता करवाये तो काम शीघ्र होगा। एक पत्र सांसद सीकर के नाम का भी दिया।
संघर्ष समिति अध्यक्ष की बात को गम्भीरता से लेते हुए सांसद सीकर सुमेधानन्द सरस्वती को 28 जुलाई को नगरपालिका अध्यक्ष का पत्र संघर्ष समिति के ज्ञापन के साथ सोपा। शीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिलाया। 30 जुलाई को संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल संयोजक सांवल राम यादव ,कैप्टन बलदेव यादव ,सूबेदार पूर्ण सिंह के नेतृत्व में DRM जयपुर के यहां पहुचे। DRM ने समस्या के हल के लिये ADRM इंफ्रास्ट्रक्चर आरडी मीना को प्रतिनिधि मण्डल से वार्ता के लिये जिम्मेदारी दी। रेलवे में मुख्य इंजीनियर अनिल कुमार का 15 जुलाई का डबल बॉक्स डालने एवं ओवर ब्रिज का विस्तार कर नयाबास रोड़ की तरफ उतारने की स्वीकृति का अवलोकन कर समाधान के निर्देश दिए। 
                      जिसपर मुख्य इंजीनियर ने स्पष्ट किया। रेल विभाग केवल विभाग की जमीन में होने वाले कार्य का ही नक्शा देता है अन्य जगह का नगर पालिका या राज्य सरकार ही रैम्प के अप्रोच के लिये आवश्यक जमीन की ड्राइंग अपने तकनीकी अधिकारियों से करवाया जाता है। मंडल ने ईओ सलीम खान से भी बात करवाई। मुख्य इंजीनियर ने ईओ को कहा संघर्ष करने वालो को गुमराह नही कर जमीन की उपलब्धता के साथ कलेक्टर सीकर के माध्यम से पत्र मेरे नाम भेजने पर कार्य होगा। साथ ही यह भी कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष का पत्र प्रासंगिक नही है।
                   प्रतिनिधि मंडल को गुमराह कर नगरपालिका अध्यक्ष त्रिलोक चन्द दीवान ने आंदोलन की दिशा बदलने अनावश्यक खर्च करवाने समय की बर्बादी का षड्यंत्र रचा है। आंदोलन के आरम्भ से ही नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा आंदोलनकारियों को गुमराह करने आपस मे फूट डालने का कुचक्र करते रहे करनी ओर कथनी में अंतर रखा बार बार धरने पर आकर संघर्ष करने वालो के साथ समर्थन एवं सहयोग करने का ढोंग किया।