राहगीर जान जोखिम में डालकर करते हैं रेलवे लाईनों को पार, बंद पड़े अंडरपास पर जिम्मेवार नहीं दे रहे हैं ध्यान

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संघर्ष समिति अंडरपास चालू व सर्किल को लेकर रही हैं संघर्ष
नीमकाथाना-फाटक नम्बर 76 पर अंडरपास का कार्य अधुरा होने के कारण हर दिन सैकड़ों राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाईनों को पार कर रहे हैं। रेलवे विभाग एवं नगरपालिका में भूमि अधिग्रहण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा हैं। दोनों ही विभाग अंडरपास को लेकर उदासीनता बरत रहे है। 
अंडरपास को लेकर पिछले तीन दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे अनशनकारियों का कहना हैं कि रोजाना सुबह से शाम तक हजारों की संख्या में राहगीरों को रेलवे लाईन के उपर से होकर गुजरना पड़ रहा हैं। पिछले एक साल से भूमि अधिग्रहण को लेकर बंद पड़े अंडरपास के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। फाटक नम्बर 76 पर निजी व रोड़वेज बसें लगती हैं। जिनमें यात्रा करने वाले यात्रियों को बाजार में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं हैं। अंडरपास चालू कराओ संघर्ष समिति ने सद्बुद्वि यज्ञ कर पांच सदस्यों की टीम अनशन पर बैठी। जिनमें जगदीश चाहर, छीतरमल यादव, घनश्याम जांगिड़, बनवारीलाल सैनी, प्रेमसिंह शर्मा का माला पहनाकर स्वागत किया। समिति ने रेलवे डीआरएम को ईमैल के माध्यम से ज्ञापन भेजा।
 वहीं नपा अध्यक्ष त्रिलोकचंद दीवान को भी ज्ञापन देकर अवगतकरवाया। जहां डीआरएम का एक प्रतिनिधि मंडल धरना स्थल पर पहॅुचकर समिति से वार्ता की। जिसपर अंडरपास की समस्या को डीआरएम को अवगत करवाकर जल्द ही समाधान करवाने का आश्वासन दिया। शाम को सैकड़ों युवाओं ने मशाल जुलुस निकाला। जो गंगेज गार्डन से शुरू होकर पुलिया के उपर से धरना स्थल पहॅुचे। युवा नेता भुवनेश शर्मा, विष्णु कुमार शर्मा, संतोष जांगिड़, आस्था जन कल्याण सेवा समिति अध्यक्ष जुगलकिशोर, डाॅ. जवाहर सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। 

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