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शहीद सम्मान यात्रा: नीमकाथाना इलाके में 1965, 1971 व 1962 में हुए शहीदों के परिवारों का सम्मान किया

दूसरे दिन 15 शहीद परिवारों की समस्या का समाधान किया

शहीद सम्मान यात्रा के दूसरे दिन रविवार को सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष एवं विधायक प्रेमसिंह बाजौर ने 15 शहीदों के घर पहुंचकर सम्मान किया। यात्रा में 1965, 1962 व 1971 में शहीद हुए परिवारों में अधिकांश के पास फोटो तक नहीं मिले।

शहीद ला. नायक जगदीश खरवास के आश्रितों को चेक राशि देते प्रेम सिंह बाजौर
शहीदों के माता-पिता को सहायता राशि के चेक सौंपे 

यात्रा के दौरान खरवासों की ढाणी मावंडा खुर्द में शहीद ला. नायक जगदीश खरवास के माता-पिता सांवलराम व श्रवणी देवी को सहायता राशि के रूप में एक लाख 92 हजार रुपए का चेक दिया गया।

कैरवाली में शहीद शीशराम के पिता देवासिंह को एक लाख 74 हजार की राशि का चेक दिया गया। प्रीतमपुरी में शहीद गनर रामनिवास के पिता जगदीशप्रसाद व माता कोहली को एक लाख 74 हजार का चेक दिया गया।

नाथा की नांगल में 1971 में शहीद हुए गनर माडूराम की पुत्री उर्मिला देवी का सम्मान

नाथा की नांगल में 1971 में शहीद हुए गनर माडूराम की पुत्री उर्मिला देवी का बाजौर ने सम्मान किया। 1939 में शहीद सिपाही चंद्राराम की वीरांगना ननकोरी देवी का सम्मान किया गया। पति की शहादत का सम्मान पाकर वीरांगना ननकोरी की आंखें नम हो गई। 1965 के युद्ध में शहीद हुए सिपाही बीरबलराम की वीरांगना 93 वर्षीय अणची देवी का बाजौर ने सम्मान किया।

1971 में शहीद हुए नायक बीरबल राम के भतीजे सूबेसिंह का सम्मान किया गया। यात्रा में सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष एवं विधायक प्रेमसिंह बाजौर के साथ कर्नल जगदेव सिंह, नीमकाथाना जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सुरेन्द्र सिंह, तहसीलदार सरदार सिंह गिल, बीडीओ सुमेर सिंह, पाटन प्रधान संतोष गुर्जर, पालिका में विपक्ष के नेता महेन्द्र गोयल, शहीद पिता सांवलराम यादव, रामस्वरूप यादव, अशोक अग्रवाल, देवेन्द्र डांगी आदि लोग थे।

कोटड़ा के अर्जुनसिंह ने 1965 में शहादत दी थी, परिजनों ने कहा सम्मान मिला तो गर्व हुआ

यात्रा के दौरान कोटड़ा में 1965 के शहीद अर्जुन सिंह के घर कार्यक्रम हुआ। बाजौर ने शहीद के भाई सूबेदार मदनसिंह, प्रहलादसिंह व 98 वर्षीय मां सोहन बाई का सम्मान किया।

कोटड़ा के लोगों को पहली बार जानकारी हुई कि गांव के किसी जवान ने शहादत दी थी। शहीद के परिजन जयपुर रहने लगे हैं। शहीद की मां सोहन बाई ने मांग रखी कि मेरे बेटे की प्रतिमा गांव में लगनी चाहिए।

स्कूल का नामकरण शहीद के नाम से करने की मांग की

डाबला- शहीद सम्मान यात्रा नाथा की नांगल पहुंची। बाजौर ने शहीद माडूराम यादव की बेटी उर्मिला का सम्मान किया। 1962 में शहीद हुए ढाणी बांधोड़ी रामनगर के शहीद नाथूराम गुर्जर की वीरांगना मूली देवी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इस दौरान ग्रामीणों ने स्कूल का नामकरण शहीद के नाम से करने व सड़क निर्माण की मांग रखी।

 पाटन-  बाजौर ने न्यौराणा में शहीद बनवारी लाल की वीरांगना अणची देवी व माता छीमली देवी का सम्मान किया। हसामपुर में शहीद प्रमोद कुमार की वीरांगना अंजना देवी व माता विमला देवी तथा पाटन में शहीद कल्याणसिंह की वीरांगना सुशीला कंवर को शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। बिहारीपुर में शहीद रामोतार सैन के परिजनों को सम्मानित किया।

 वृद्धा ने बाजौर से कहा- न कोई सहारा है न बीपीएल में हूं कैसे गुजारा करूं

बाजौर मावंडा खुर्द की ढाणी कुशलावाली पहुंचे तो वृद्धा ने काफिला रोक लिया। 85 वर्षीय विद्या कंवर ने कहा, मेरे न कोई सहारा है न बीपीएल में हूं। ऐसे में गुजारा कैसे करूं। बाजौर ने बीडीओ सुमेरसिंह व तहसीलदार सरदार सिंह को वृद्धा को बीपीएल में शामिल कराने व गुजारे के लिए सरकारी सहायता दिलाने के निर्देश दिए। बाजौर ने वृद्धा विद्या कंवर को 20 हजार रुपए दिए। 

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