Digital Neemkathana Android App Comming Soon...

News Update

ग्राम डाबला में प्रशासन ने विरोध के बीच हटाया गोचर भूमि से अतिक्रमण

चूहां की ढाणी में विरोध के डर से भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा, नीमकाथाना-डाबला रोड का अतिक्रमण भी तोड़ा

नीमकाथाना- डाबला की चूहां की ढाणी में गुरुवार को प्रशासन ने गोचर भूमि एवं मुख्य रास्ते से अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन अधिकारियों ने समझाइश कर मामले को शांत करवा दिया। दोपहर तक कार्रवाई जारी रही।


प्रशासन ने जेसीबी की मदद से अतिक्रमण वाले पक्केनिर्माण तोड़ दिए। इस दौरान भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। दरअसल मामले में जीलो निवासी अभिमन्युसिंह ने लोकायुक्त में शिकायत की थी। इसे लेकर कई ज्ञापन भी सौंपे। ज्ञापनों में बताया गया कि चूहां की ढाणी की गोचर भूमि खसरा नं 501 में आधा दर्जन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसमें श्यामपुरा सरपंच महावीर गुर्जर भी शामिल है।

लोकायुक्त ने कलेक्टर नरेश ठकराल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी के चलते गुरुवार को कार्रवाई की गई। गोचर भूमि पर बने मकान को तोड़ा गया। यहां निर्माण कार्य चल रहा था।

नीमकाथाना-डाबला सड़क मार्ग के रास्ते पर बनी दीवारें भी तोड़ी गई। इससे लोग परेशान थे। इधर, कई ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। लोगों ने घरों से कीमती सामान बाहर निकाल लिया। इससे अतिक्रमियों का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।


इस मौके पर एसडीएम जेपी गौड़, तहसीलदार सरदारसिंह गिल, नायब तहसीलदार सतवीर यादव, पाटन एसएचओ महेन्द्र मीणा आदि मौजूद रहे। प्र

शासन पर पक्षपात के आरोप लगे 

चूहां की ढाणी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर लोगों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां राजनीतिक पहुंच वाले लोगों ने भी अतिक्रमण कर रखे हैं, लेकिन अधिकारियों ने उनके अतिक्रमण को अनदेखा किया है। मामले में उच्चाधिकारियों को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

पहली बार एेसी कार्रवाई 

डाबला की चूहां की ढाणी में अतिक्रमण हटाने की ऐसी कार्रवाई पहली बार हुई है। कार्रवाई को देखने दर्जनों लोग छतों पर चढ़ गए। पुलिस ने लोगों को छतों से उतारा। इसके लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आशंका थी कि लोग छत से पत्थर नहीं फेंक दें।

प्रशासन ने अनदेखी की

 महावीर गुर्जर, सरपंच, श्यामपुरा, पाटन का कहना है कि चूहां की ढाणी के दर्जनों लोग गोचर भूमि में बसे हैं। ग्राम पंचायत ने आबादी विस्तार के दस्तावेज जिला मुख्यालय को भेज रखे हैं, लेकिन प्रशासन ने मामले की अनदेखी कर अतिक्रमण तोड़ दिए।

No comments