भारत बंद के दौरान हिंसा का मामला: 150 नामजद व पांच हजार अन्य के खिलाफ 17 मामले दर्ज

नीमकाथाना- दलित संगठनों द्वारा भारत बंद के दौरान हुई आगजनी, तोड़फोड़, छेड़छाड व उपद्रव के मामले में अब तक कोतवाली पुलिस में 17 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 150 लोग नामजद है वहीं पांच हजार अन्य आरोपी हैं। पुलिस ने बुधवार को पुलिस गाड़ी जलाने, पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ करने, हिंसा व उपद्रव के मामले में गिरफ्तार 21 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया।
आरोपियों को कोर्ट में पेश करने दो बसों से लाया गया तो लोगों की भीड़ लग गई
एसीजेएम क्रम- 1 ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है। सीआई रणजीतसिंह ने बताया कि यादराम, पंकज, रविकांत, विक्की उर्फ देवराज, विकास कुमार, जितेन्द्र उर्फ जीतू, चौथमल, हंसराज, महेन्द्र कुमार, राहुल, रविन्द्र, गोपाल, बजरंग, भरत, श्रवणकुमार, मनीष कुमार, बाबूलाल, श्रवण कुमार बंधावाली, सुरेश कुमार, संजय कुमार व बोदूराम को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है।

आरोपी बंद के दौरान उपद्रव, आगजनी व पुलिस अधिकारियों पर हमले में शामिल थे। पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। आरोपियों के संभावित ठिकानों पर तलाशी कराई जा रही है। घटना के बाद से दलित नेता भी गायब है।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज का ले रही सहारा

पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी व फोटो के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस दोपहर बाद 21 आरोपियों को दो बसों से कोर्ट कैंपस लेकर पहुंची। सीआई रणजीतसिंह, सीआई राजीव राहड व कई पुलिस अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे।

तीसरे रोज शहर में रहा शांतिपूर्ण माहौल 

दूसरी ओर घटना के तीसरे रोज शहर में शांतिपूर्ण माहौल रहा। बाजार भी सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। इधर, मीन सेना व राष्ट्रीय दलीत-आदिवासी नेता सुरेश मीना किशोरपुरा ने बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भेजा है।

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