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News Update

महावा में अवैध खनन व ब्लास्टिंग पर ग्रामीणों ने जताया विरोध

एएसपी व माइनिंग अधिकारियों को ज्ञापन देकर की रोकने की मांग

नीमकाथाना न्यूज़ - महावा में अवैध खनन व ब्लास्टिंग के मामले में विरोध बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को दर्जनों लोगों ने अवैध ब्लास्टिंग कर पत्थर निकालने की कार्रवाई रोकने की मांग उठाई। बिना मंजूरी ब्लास्टिंग से कई मकानों में दरारें आने की शिकायत दी।
महावा में चार खदानों की वर्ष 2015 में खान सुरक्षा महानिदेशालय ने ब्लास्टिंग अनुमति को वापस ले लिया था। उसके बाद खनन गतिविधियां बंद हो गई थी। अब दो-तीन महीनों से अवैध ब्लास्टिंग कर पत्थर निकाले जा रहे हैं। पॉल्यूशन व माइनिंग नियमों की पालना किए बिना ही धड़ल्ले से खनन व ब्लास्टिंग हो रही है। इससे महावा व आसपास की ढाणियों के लोग परेशान हैं।

ढाणी उपलाभा (महावा) के महावीर सिंह व जयसिंह नेबताया कि हैवी अर्थमूविंग मशीनों व डीप होल ब्लास्टिंग सेदिन-रात पत्थर निकाले जा रहे हैं। वर्ष 2015 में ग्रामीणों की शिकायत पर खान सुरक्षा महानिदेशालय ने ब्लास्टिंग मंजूरी वापस ले ली थी। खान सुरक्षा निदेशक (अजमेर श्रेत्र) अरविंद कुमार ने ग्रामीणों को बताया कि वर्तमान में महावा की चार खदानों में शार्ट होल ड्रिलिंग एवं ब्लास्टिंग के साथ भारी संयंत्रों के प्रयोग की अनुमति के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

कई मकानों में आई दरारें, बांध के कैचमेंट एरिए में मिट्टी डाली 

अवैध ब्लास्टिंग से महावा की ढाणियों में कई मकानों में दरारें आ गई। परेशान ग्रामीणों ने कई बार ज्ञापन दिए। जलग्रहण योजना में बनें एनीकट के कैचमेंट व पैंदे में मिट्टी व खदानों का कचरा डालकर भर दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। बीते एक महीने से ग्रामीणों व महिलाओं ने कई बार विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि...

खान सुरक्षा निदेशक के लिखित जवाब के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम जेपी गौड़, माइनिंग अधिकारी अनिल गुप्ता व पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देकर अवैध ब्लास्टिंग रोकने की मांग उठाई है। ग्रामीणों नेबताया कि जब दो साल पहलेविभाग विस्फोट करने की स्वीकृति वापस ले चुका है तो दो महीनों से भारी ब्लास्टिंग क्यों हो रही है। कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

 ज्ञापन देने वालों में सोहनपाल सिंह, महावीर सिंह, रघुवीर सिंह, भगवान सिंह, किशन सिंह, विजेंद्र, प्रहलाद, सवाईसिंह, अर्जुन सिंह आदि शामिल थे।