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फतेहपुर रोड पर पुलिस देखती रही उपद्रवियों ने जला दी बस, 3 घंटे दहशत

रोडवेज की टक्कर से बाइक सवार घायल, भड़की सैकड़ों की भीड़ को काबू करने आए 20 पुलिसकर्मी, 6 पत्थरबाजी में घायल, लाठीचार्ज व आंसू गैस छोड़ी, देर रात युवक की मौत

सीकर - फतेहपुर रोड स्थित सिटी हॉस्पिटल के पास गुरुवार को चूरू डिपाे की रोडवेज बस की टक्कर से एक बाइक सवार वार्ड नौ निवासी 30 वर्षीय युनुस खान पुत्र युसुफ भाटी घायल हो गया। उसे एसके अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रैफर कर दिया गया। हादसे के बाद भीड़ उग्र हो गई और रोडवेज बस को आग लगा दी।

फतेहपुर रोड पर पुलिस देखती रही उपद्रवियों ने जला दी बस, 3 घंटे दहशत

भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। सामने से भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। भीड़ ने 20 वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। इसमें आधा दर्जन पुलिसकर्मियों सहित एक दर्जन चोटिल हो गए। उपद्रव के बाद पुलिस ने करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

फतेहपुर रोड पर पुलिस देखती रही उपद्रवियों ने जला दी बस, 3 घंटे दहशत

देर रात जयपुर में उपचार के दौरान युनूस की मौत हो गई। इससे पहले शाम को हादसे के बाद उग्र भीड़ ने बस कंडेक्टर को पकड़ लिया। बचाव में आए साउथ पुलिस चौकी प्रभारी शिवराजसिंह पर भी लोगों ने हमला कर दिया। इसमें उनके सिर में चोट आई। सैकड़ों की भीड़ का काबू करने के लिए मौके पर महज 20 पुलिसकर्मी थे। भीड़ ने बस को आ लगा दी। इसके बाद कई थानों और पुलिस लाइन से जाब्ता मौके पर पहुंचा।


भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आंसूगैस छोड़नी पड़ी। पुलिस ने उपद्रवियों को दुकानों से बाहर निकालकर पीटा। लोगों ने पुलिस की सिगमा बाइक को भी आग लगा दी।


शाम 6 से 9 बजे तक विवाद झेला शहर ने 

  • 5:15 बजे रोडवेज बस की टक्कर से युवक घायल हो गया।
  • 6:00 बजे गुस्साई भीड़ मौके पर पहुंची और हंगामा शुरू कर दिया।
  • 6:30 बजे गुस्साई भीड़ ने बस जलाई दी। इसके बाद अतिरिक्त जाब्ता पहुंचा।
  • 9:00 बजे स्थिति नियंत्रण में आई। हालांकि देर रात तक जाब्ता तैनात था।

हंगामे के 3 बड़े कारण : चंद पुलिसकर्मी उग्र हुई भीड़ से संघर्ष करते रहे, एक घंटे देरी से पहुंचा जाब्ता 

  1. हादसे के बाद युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचा दिया गया, लेकिन पीछे दुर्घटना स्थल पर अफवाह फैल गई कि घायल युवक को बस 20 फीट तक घसीटते हुए ले गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे आसपास के इलाके से भीड़ घटना स्थल पर जमा हो गई। युवक की देररात मौत हो गई। 
  2. चौकी प्रभारी से झड़प के बाद भी जाब्ता मौके पर नहीं पहुंच पाया। 20 जवान भीड़ से संघर्ष करते रहे। करीब एक घंटे बाद पहुंचे अतिरिक्त जाब्ता पहुंचा। एएसपी डॉ. तेजपाल का कहना है कि हंगामा के दौरान पूरा रास्ता जाम हो गया। पुलिसकर्मियों को पैदल घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा।
  3. मामले को शांत करने की बजाय लोग रोडवेज परिचालक से उलझने लगे। कुछ ही देर में लोग इससे मारपीट करने लगे और गाड़ी में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। साउथ चौक प्रभारी ने बीच बचाव कर चालक को छुड़वाया, लेकिन खुद चोटिल हो गए।
source- dainik bhaskar

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