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फतेहपुर मामला: 3 गिरफ्तार लोगों को छोड़ने की मांग को लेकर देर रात 2 बजे तक शव लेकर घर के बाहर बैठे रहे लोग

पुलिस और सर्वसमाज के लोगों के बीच चार दौर की वार्ता हुई, लेकिन बेनतीजा निकली

फतेहपुर रोड पर गुरुवार को उपद्रव के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग को लेकर शुक्रवार को सुबह चार दौर की मीटिंग हुई। सुबह 9.30 से दोपहर ढाई बजे तक अलग-अलग मीटिंग हुई। आखिरकार लोगों को छोड़े जाने के आश्वासन पर सर्व समाज के लोगों ने शव लेने पर सहमति जताई। हालांकि तीन लोगों को नहीं छाेड़े जाने को लेकर रात 2 बजे लोग शव लेकर घर के बाहर बैठे रहे।

फतेहपुर मामला: 3 गिरफ्तार लोगों को छोड़ने की मांग को लेकर देर रात 2 बजे तक शव लेकर घर के बाहर बैठे रहे लोग

पहली मीटिंग सुबह 10 बजे कोतवाली में सभापति जीवण खां, कोतवाल महावीरसिंह राठौड़, सीओ सिटी गिरधारीलाल, पार्षद मुश्ताक तंवर व कांग्रेस कमेटी सचिव अब्दुल रज्जाक पंवार के बीच हुई। मीटिंग में गिरफ्तार लोगों को छोड़ने की मांग रखी गई। लेकिन पुलिस कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई।

दूसरी मीटिंग मृतक के घर 11.30 बजे हुई। जिसमें समाज के लोगों ने तय किया कि गिरफ्तार लोगों को छोड़े जाने के बाद ही शव लिया जाएगा। पोस्टमार्टम करवाने जयपुर गए परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया।

तीसरी मीटिंग पूर्व उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक के आवास पर 11.45 बजे हुई। सर्व समाज द्वारा शव नहीं लेने के फैसले की जानकारी एसपी को देने और वार्ता करने का निर्णय लिया गया। एसपी ने कंट्रोल रूम में वार्ता के लिए समय दिया।

चौथी मीटिंग पुलिस कंट्रोल रूम में दोपहर 1.15 बजे एसपी विनीत राठौड़, एएसपी, सीओ सिटी व ग्रामीण के साथ राजेंद्र पारीक व सर्व समाज प्रतिनिधियों के बीच हुई। जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को मुआवजा देने, दुकानों और वाहनों में तोड़ फोड़ के दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग रखी।

एसपी ने कहा, धारा 151 में सभी लोगों को जमानत दे दी जाएगी। वीडियो के आधार मिलान किया जाएगा। इसमें सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाने व पुलिस के साथ मारपीट करना पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही शव लेने पर सहमति बनी।


96 को शांतिभंग में गिरफ्तार किया था 

मृतक का शव शाम करीब 4.30 बजे सीकर पहुंचा। पुलिस व सर्व समाज के बीच हुई सहमति के बावजूद गिरफ्तार 5 लोगों को नहीं छोड़े जाने पर सर्व समाज ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। समाज प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सभी को छोड़ने की सहमति दी थी। लेकिन कुछ लोगों को नहीं छोडा़ गया।

लोग मृतक के घर के बाहर जनाजे के साथ बैठे रहे। लेकिन रात 2 बजेतक कोई फैसला नहीं हो पाया। पुलिस ने मामले में करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से 96 को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 91 को जमानत पर रिहा कर दिया लेकिन 3 लोगों को छोड़ने पर सहमति नहीं बन पाई।

 देर रात तक चलती रही जमानत की प्रक्रिया 

कॉमरेड अमराराम, किशन पारीक, कय्यूम कुरैशी, कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री राजेंद्र पारीक, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया, सभापति जीवण खां, पार्षद चांद खां मुगल सहित अन्य नेताओं व पार्षदों ने मृतक युनूस के घर पर बैठक की। इस पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने, गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को छोड़ने सहित अन्य मांगें रखी।

गुरुवार को हादसे के बाद 96 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार युवकों को एसडीएम के समक्ष पेश कर देर रात तक उनकी जमानत का दौर चलता रहा। वहीं समाज के लोगों ने सभी की जमानत होने के बाद ही मृतक को सुपुर्दे खाक करने की बात कही।

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