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31 के बाद बिना ई-रवन्ना नहीं हो सकेगा खनिजों का निर्गमन

नीमकाथाना: प्रदेश में खनिजों के निर्गमन के लिए नई गाईडलाइन्स  जारी कर दी गई है। अब 31 अक्टूबर के बाद बिना ई-रवन्ना के खनिजों का निर्गमन नहीं हो सकेगा। खान एवं भूविज्ञान विभाग ने राजस्थान के सभी खनि अभियंताओं एवं सहायक खनि अभियंताओं को निर्देश जारी किए हैं।

31 के बाद बिना ई-रवन्ना नहीं हो सकेगा खनिजों का निर्गमन

शुक्रवार को जारी आदेश में संयुक्त शासन सचिव ललित कुमार ने कहा कि 31 के बाद बजरी के एलओआई एवं जिप्सम के परमिट क्षेत्रों से खनिज के निर्गमन के अतिरिक्त अन्य सभी निर्गमन पर मेन्यूअल रवन्ना जारी करना पूर्णतया निषेध होगा। 31 अक्टूबर के बाद खनिज का निर्गमन ई-रवन्ना से ही हाेगा।

कोई भी खनन पट्‌टाधारी भौतिक रूप से जारी कराये गये रवन्ना से शेष रही मेन्युअल रवन्ना सबंधित कार्यालय में जमा कराना सुनिश्चित करेगा। खनिज बजरी के एलओआई एवं जिप्सम के परमिट के प्रकरणों में मेन्युअल रवन्ना 15 नवम्बर तक मान्य होगी।

कोई भी खनन पट्‌टाधारक 31 अक्टूबर के बाद उक्त निर्देशों के विपरीत भौतिक रूप से जारी रवन्ना से खनिज का निर्गमन करता हुआ पाया जाता है तो ऐसे रवन्ना अमान्य होंगे। ऐसे प्रकरणों में राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियम 2017 के नियम 60 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी। प्रदेश में विभागीय कार्यों में पारदर्शिता रखने के उदेश्य से 10 अक्टूबर से ई-रवन्ना जारी करने हेतु निर्देश दिया गया था।

लीज धारकों एवं वे-ब्रिज संचालकों के इस नवीन व्यवस्था से भली-भांति अभ्यस्त होने एवं विभागीय ऑनलाइन प्लेटफार्म से लिंक होने के बिंदु को ध्यान में रखते हुए ई-रवन्ना के साथ आवश्यकता अनुसार मेन्युअल रवन्ना से खनिज निर्गमन किये जाने की छूट दी गई थी। अब 31 अक्टूबर के बाद ई-रवन्ना के बिना खनिज निर्गमन नहीं हो सकेगा।