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नीमकाथाना में 117.50 लाख की लागत से बनी फल- सब्जी मंडी, 5 साल बाद भी भूखंड आवंटन नहीं

Neem Ka Thana- कृषि उपज मंडी में फल-सब्जी व्यापारियों को दुकानें व भूखंड आवंटन करने की महत्वपूर्ण योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी हैं। कृषि विपणन बोर्ड ने वर्ष 2012 में 117.50 लाख की लागत वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।

नीमकाथाना में 117.50 लाख की लागत से बनी फल- सब्जी मंडी, 5 साल बाद भी भूखंड आवंटन नहीं

इस प्रोजेक्ट के तहत 26 दुकानों के भूखंडों का आवंटन आरक्षित दर पर प्राथमिकता के आधार पर होना था। आरक्षित दर निर्धारण के दाे साल बाद भी आवंटन कमेटी की बैठक नहीं हो सकी। नतीजा फल-सब्जी मंडी में तैयार निर्माण खंड़हर होने लगा है।

समिति ने दुकान-भूखंड आवंटन के लिए 43 लोगों की अस्थाई वरियता सूची जारी की थी। लेकिन प्रक्रिया रूकने से दुकान व भूखंड के इच्छुक कारोबारी भी निराश हो गए हैं। विभाग ने देरी के कारण पूछे तो फिर शुरू कर दी प्रक्रिया फल-सब्जी मंडी में यार्ड व दुकानों के भूखंड आवंटन में देरी के बारे में विधानसभा द्वारा रिपोर्ट मांगी गई तो कृषि मंडी समिति ने फिर से प्रक्रिया शुरू कर दी।


कृषि विपणन विभाग सीकर द्वारा मार्च 2017 में नीमकाथाना से रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें सचिव श्रीराम सैनी ने बताया कि आवंटन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते दुकानों के भूखंडों का आवंटन नहीं हो सका। राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधिशाषी अभियंता से भूखंडों की संशोधित आरक्षित दर निर्धारित करने की मांग रखी गई है। पूर्व में घोषित आरक्षित दर दो साल पुरानी हो गई हैं। जिसके आधार पर भूखंडों का आवंटन संभव नहीं हैं।

आवंटन समिति की बैठक बुलाने वाले सचिव ही नहीं पहुंचे मुख्य मंडी प्रांगण में फल-सब्जी व्यवसाय हेतु भूखंडों के प्रथम चरण के आवंटन के लिए 29 मई 2017 को सचिव ने आवंटन समिति की बैठक बुलाई। इसमें आवंटन समिति द्वारा भूखंडों के नबरिंग करने, रिक्त भूखंडों का आरक्षण निर्धारण करने पर विचार करना था। आवंटन कमेटी के सदस्य निर्धारित समय पर समिति सभागार में पहुंचे, लेकिन सचिव नहीं आये। इसके चलते बैठक नहीं हो सकी।

अब देनी होगी बढ़ी हुई कीमत 

कृषि उपज मंडी समिति द्वारा आवंटन नीति 2005 के तहत मुख्य मंडी में फल-सब्जी मंडी में दुकान, गोदाम व भूखंड आवंटन 99 साल की लीज पर किया जाना हैं। इनमें 20 फीसदी आरक्षण महिला काश्तकारों के लिए निर्धारित हैं। एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं का आरक्षण भी हैं। मंडी में विभिन्न आकार की दुकानों के भूखंड छोड़े गये हैं। प्लेटफार्म, कोर्टयार्ड, गोदाम के लिए भी जगह बनाई गई है। चबूतरा, बरामदा व गोदाम के भूखंडों के आवंटन के लिए नई प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी। पहले बोर्ड ने 5400 रुपए प्रति वर्गमीटर की आरक्षित दर निर्धारित की थी। अब इसमें संशोधन के बाद कार्रवाई होगी।

दरों में संशोधन की मांग की जाएगी 

इस संबंध में कृषि मंडी समिति सचिव श्रीराम सैनी का कहना है कि फल-सब्जी मंडी के लिए दुकानों के भूखंड आवंटन करने की प्रक्रिया चल रही है। आरक्षित दर दो साल पुरानी होने पर संशोधित दर निर्धारण की मांग की गई हैं। आवंटन के लिए मार्गदर्शन मांगा गया है। आरक्षित दर निर्धारित होने व मार्गदर्शन मिलने पर जल्द भूखंडों के आवंटन की कार्रवाई शुरू करेंगे। वर्ष 2012 में प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। उसके बाद निर्माण व भूखंडों को तैयार करने में समय लगा। अब जल्द आवंटन प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास करेंगे।