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बेरोजगारों को रूला रही है सरकार, सियासी दावपेंच में उलझी युवाओं की नौकरी...

प्रदेश में चल रही सियासत में बेरोजगारों का कॅरियर उलझ गया है। सरकार आँख मूँद के ऐसे बैठी है जैसे वह सभी कामो से निवृत हो गई हो। नीम का थाना, सीकर व प्रदेश में अन्य जिलों के डिग्री धारी बेरोजगार सरकार का ऐसे मुँह तांक रहे हैं जैसे कब कोई नई वैकेंसी की घोषणा हो। लेकिन सरकार नई वैकेंसी तो दूर की बात पहले निकाली गई नौकरियों में ही रोड़े अटके पड़े हैं। कारागार विभाग जैसी वैकेंसी की तो जैसे लड़को ने आश ही छोड़ दी है कि ना जाने कब पूरी प्रक्रिया करवाई जाएगी।

नीम का थाना पत्रिका
                                                           source- google images

सरकार की चुप्पी बेरेाजगारों को नई मुसीबत में डाल रही है। स्वराज संकल्प यात्रा में 15 लाख नौकरियों का दावा करने वाली सरकार पुरानी भर्तियों के पेंच भी नहीं सुलझा पा रही है। भर्तियों की आस में युवा पिछले तीन वर्ष से तैयारी में जुटे पड़े है लेकिन अब कोई नई घोषणा ना होने से उनका मनोबल टूटने जवाब देने लगा है।  गौरतलब है कि प्रदेश के 13 अहम विभागों में 80 हजार से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। शनिवार को पुलिस विभाग में 5500 पदों पर भर्ती के एेलान से युवाओं की उम्मीद जगी है। लेकिन अन्य महकमों में भर्ती का युवाओ को बेसब्री से इंतजार है।

शिक्षा विभाग: 

थर्ड ग्रेड भर्ती का इंतजार - प्रदेश के दस लाख से अधिक बीएड डिग्रीधारियों को सबसे ज्यादा इंतजार तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का है। क्योकि सरकार साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में एक भी भर्ती अभी तक पूरी नहीं करा सकी है। सरकार ने इस भर्ती को कराने के लिए पैटर्न भी बदला। लेकिन यह भी बेरोजगारों के नौकरी के सपने पूरे नहीं कर सका।

मेडिकल: 

नर्सिंग भर्ती से उम्मीद - चिकित्सा विभाग पुरानी भर्तियों के पेंच नहीं सुलझ रहे है। नई भर्ती की कई बार घोषणा हुई। लेकिन अभी तक विज्ञप्ति जारी नहीं हुई। जबकि पड़ोसी राज्यों में लगातार नर्सिंग की दो से तीन भर्ती हो चुकी है।
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