पाकिस्तान के कहने पर अब कश्मीर में घुस सकती है तीसरे देश की सेना

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चीन की विस्तारवादी निति के चलते आये दिन भारत-चीन सीमा तनाव का माहौल बना रहता है। जिसके कारण भारत - चीन के सेंक आपस में उलझ जाते हैं। पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते सही नहीं है इस बात का पूरा पूरा फायदा कूटनीति से चीन लेना चाहता है। हाल ही में चीन के मीडिया ने नई चाल चलते हुए सिक्किम विवाद पर कहा कि भारत के पड़ोसी पाकिस्तान के कहने पर कश्मीर में भी तीसरे देश की सेना घुस सकती है।

पाकिस्तान के कहने पर अब कश्मीर में घुस सकती है तीसरे देश की सेना
                                                                 source- google images

ग्लोबल टाइम्स के एक आर्टिकल में कहा गया, "जिस तरह का तर्क इस्तेमाल करके भूटान की ओर से भारत डोकलाम में चीन को कंस्ट्रक्शन से रोक रहा है, उसी तरह पाकिस्तान की रिक्वेस्ट पर कश्मीर में भी तीसरे देश की सेना घुस सकती है।" यहाँ हम आपको बता दें कि सिक्किम सेक्टर का इलाका एक ट्राई जंक्शन (तीन देशों की सीमाएं मिलने वाली जगह) है। इस इलाके में पिछले 22 दिन से भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं।चीन यहां सड़क बनाना चाहता है, लेकिन भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं।

पाकिस्तान के कहने पर अब कश्मीर में घुस सकती है तीसरे देश की सेना

इस मुद्दे पर चीन ने और क्या क्या कहा -

1. विवादित इलाके की सुरक्षा भारत नहीं कर सकता। 
  • इंडियन स्टडीज सेंटर (वेस्ट नॉर्मल यूनिवर्सिटी) के डायरेक्टर लॉन्ग जिंगचुंग ने ग्लोबल टाइम्स में सिक्किम बॉर्डर पर जारी विवाद पर आर्टिकल लिखा।
  • जिंगचुंग ने कहा, "अगर भारत को भूटान की ओर से इलाके की सुरक्षा करने की रिक्वेस्ट भी की गई है तो भी वो केवल उस इलाके की सुरक्षा कर सकता है, जिसे भूटान का माना गया है... विवादित इलाके की नहीं।"
  • "वरना, पाकिस्तान की रिक्वेस्ट पर कश्मीर के विवादित इलाके में तीसरे देश की सेनाएं घुस सकती है, उसी तर्क का इस्तेमाल करते हुए.. जैसा भारत ने दिया है।"
2. विवाद के बीच पहली बार PAK का जिक्र
  • करीब महीने भर से सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन के बीच विवाद के दौरान ग्लोबल टाइम्स ने कई आर्टिकल पब्लिश किए, लेकिन ऐसा पहली बार है कि विवाद में पाकिस्तान और कश्मीर का जिक्र किया गया हो।
  • इसमें कहा गया, "भूटान की मदद के नाम पर भारतीय सेनाएं डोकलाम एरिया में चीन के जवानों को रोक रही हैं, लेकिन भूटान के जरिए भारत का मकसद पूरा हो रहा है।'
3.अपने स्ट्रैटजिक फैसलों के चलते घुसपैठ
  • "चीन इंटरनेशनल कम्युनिटी या यूएन सिक्युरिटी काउंसिल को सबूतों के हवाले से अपनी पोजिशन को दिखा सकता है। ये बड़ी ताकत होने के नाते चीन की गंभीरता और शांति कायम रखने की कोशिशों को दिखाता है। हम तब तक ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे, जब तक ये आखिरी विकल्प ना हो।"
  • "भारत ने अपने स्ट्रैटजिक फैसलों के आधार पर घुसपैठ को अंजाम दिया है, ये साफतौर पर इंटरनेशनल लॉ का वॉयलेशन है। जहां तक भूटान-चीन के बीच इलाके के विवाद का मसला है तो ये दोनों देशों के जरिए ही सुलझना चाहिए। भारत को भूटान की सोवेरनिटी (प्रभुत्व) का सम्मान करना चाहिए।"
4. भारत को डर है कि वह दो टुकड़ों में ना बँट जाए। 
  • तिब्बत में भारत ने अपने खिलाफ जिओपॉलिटिकल इंटेंशन (भू-राजनीतिक मकसद) का हवाला देते हुए चीन के कंस्ट्रक्शन को रोक दिया। लेकिन, नॉर्थ-ईस्टर्न इलाके में वो खुद ऐसा नहीं कर पा रहा है तो वो चीन की रोड कंस्ट्रक्शन को रोकने की कोशिश कर रहा है।
  • ये घुसपैठ दिखा रही है कि भारत इस बात को लेकर डर गया है कि चीन सैनिक ताकत के बलबूते नॉर्थ ईस्ट इंडिया को अलग कर देगा और भारत दो टुकड़ों में बंट जाएगा। ऐसे हालात में नॉर्थ ईस्ट इंडिया के पास अपनी आजादी का एलान करने का मौका हो सकता है। 
5. भारत दूसरों के मामलों में दखल ना देने की निति रखता है 
  • लंबे अरसे से भारत अंतरराष्ट्रीय बराबरी और दूसरों के आंतरिक मामलों में दखल ना देने की बात करता है। लेकिन, UN चार्टर और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के नियमों को तोड़कर वो साउथ एशिया में अपनी कूटनीति चला रहा है। सिक्किम में लगातार इमीग्रेशन और पार्लियामेंट का कंट्रोल लेने जैसे कदमों के जरिए भारत ने उसे अपने राज्यों की तरह अधिकार में ले लिया है।
आखिर क्या वजह है कि भारत - चीन के रिश्तों में तल्खी बनी रहती है। 

1. पहली वजह : कैलाश मानसरोवर यात्रा
  • सीमा पर तनाव के चलते नाथू ला दर्रे से कैलाश मानसरोवर जाने वाले रास्ते को भारतीय श्रद्धालुओं के लिए चीन ने बंद कर दिया। इसके बाद भारत ने इस रूट से यात्रा रद्द कर दी।
  • चीन की तरफ से विवाद यहीं नहीं थमा। चीन ने कहा कि भारतीय सैनिक तुरंत पीछे हट जाएं। भविष्य में कैलाश मानसरोवर यात्रा जारी रखना इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत इस टकराव का हल कैसे निकालता है? 
2. दूसरी वजह : चीन की घुसपैठ
  • चीन की आर्मी ने हाल ही में सिक्किम सेक्टर में घुसने की कोशिश की और भारतीय जवानों से हाथापाई की। इस दौरान चीन के सैनिकों ने हमारे 2 बंकर भी तोड़ दिए।
  • यह घटना सिक्किम के डोका ला जनरल एरिया में लालटेन पोस्ट के पास हुई। भारतीय सैनिकों ने ह्यूमन चेन बनाकर चीनियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे धक्का-मुक्की करते रहे।
  • भारत ने विरोध दर्ज कराया तो उल्टे चीन ने ही भारत पर घुसपैठ के आरोप लगा दिए।
3. तीसरी वजह: सिक्किम सेक्टर में चीन का सड़क बनाना
  • चीन सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में सड़क बना रहा है। इसी इलाके में चीन, सिक्किम और भूटान की सीमाएं मिलती हैं। भूटान और चीन इस इलाके पर दावा करते हैं। भारत इस विवाद पर भूटान का साथ देता है।
  • चीन पहले तो सिक्किम को भारत का हिस्सा मानने से इनकार करता था। लेकिन 2003 में उसने सिक्किम को भारत के राज्य का दर्जा दे दिया। हालांकि, सिक्किम के कई इलाकों को वह अपना बताता है। 
  • इसी इलाके में 20 km हिस्सा सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों को भारत के बाकी हिस्से से जोड़ता है। यह ‘चिकेन नेक’ भी कहलाता है। चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा तो भारत की कनेक्टिविटी पर असर पड़ेगा। भारत के कई इलाके चीन की तोपों की रेंज में आ जाएंगे।
  • दरअसल, सिक्किम का 16 मई 1975 को भारत में विलय हुआ था। पूर्वोत्तर से चीन की तरफ जाने वाला इकलौता रास्ता नाथू ला दर्रा सिक्किम में ही है। 
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