आज की इस चापलूसी भरी नौकरशाही में ईमानदार कुछ ही लोग बचे है। और जो बचे भी है वो या तो अपनी ईमानदारी दिखाने की हिम्मत नहीं रखते और जो रखते है उनका तुरंत तबादला कर दिया जाता है। ऐसा ही वाकिया DIG डी रूपा के साथ हुआ है। वीके शशिकला को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने का खुलासा करने वाली DIG डी रूपा का ट्रांसफर कर दिया गया है। यहीं दुर्भाग्य है इस देश का जो गुलामी और चापलूसी की बेड़िया अभी तक तोड़ नहीं पाया है। और इस राज तंत्र में जनता की नहीं नेताओ की चलती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बदले  DIG डी रूपा को मिला ट्रांसफर
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अब डी रूपा का ट्रांसफर ट्रैफिक डिपार्टमेंट में किया गया है। गौरतलब है कि डीआईजी डी रूपा ने शनिवार को एआईएडीएमके अध्यक्ष शशिकला मामले में अपनी दूसरी रिपोर्ट डीजीपी आर के दत्ता को सौंपी थी। जिसमें उन्होंने जेल में चल रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया था।

DIG डी रूपा के ट्रांसफर पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। मीडिया के सवालों से बचते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया को सबकुछ बताना जरूरी नहीं है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक अपनी रिपोर्ट में डी रूपा ने केंद्रीय जेल में रख-रखाव के मामलों पर प्रकाश डाला था। इसके साथ ही उन्होंने एआईएडीएमके अध्यक्ष वीके शशिकला को वीआईपी ट्रीटमेंट देने संबंधित कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का आरोप लगाया था।

रिपोर्ट में बताया गया था कि विजिटर गैलरी में केवल दो सीसीटीवी कैमरा मौजूद हैं। कैमरा नंबर 8 और 9 एडमिशन रूम के पास लगे हुए हैं जिनमें रिकॉर्डिंग की सेवा उपलब्ध नहीं है। शशिकला को एक अलग कमरा दिया गया था कि जिसमें वह किसी से भी मिल सकती थीं। सभी घटनाएं कैमरे में कैद हुई थीं, लेकिन उसकी रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई।

DIG डी रूपा को मिला ट्रांसफर
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क्या है मामला ? 

बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में पिछले कई महीनो से बंद एआईएडीएमके प्रमुख शशिकला को वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। खबरों के मुताबिक शशिकला के लिए जेल में 2 करोड़ की लागत से एक अलग से vip किचन की व्यवस्था की गई है। किचन बनाने में आने वाले खर्च का भुगतान शशिकला ने किया था। डीआईजी रूपा ने डीजीपी जेल को रिपोर्ट में कहा था कि शशिकला को खास सुविधाएं मिल रही हैं, इसमें खाना बनाने के लिए स्पेशल किचन भी शामिल है। डीआईजी दी रूपा का ये भी मानना है की कानून सबके लिए एक है अगर कोई मुजरिम है तो उसे मुजरिम की ही सजा मिलनी चाहिए। आखिर किस कानून के अंतर्गत उनको vip सुविधाएं मिल रही हैं।

डीआईजी रूपा ने डीजीपी जेल एचएसएन राव को पत्र लिखा, जिसमें शशिकला द्वारा अधिकारियों को रिश्वत के तौर पर दो करोड़ रुपए देने की बात है। यहां तक कि डीआईजी ने डीजीपी को भी इसमें शामिल बताया। डीजीपी जेल ने कहा कि अगर डीआईजी ने जेल के अंदर ऐसा कुछ देखा था तो इसकी चर्चा उनसे करनी चाहिए थी। यदि उन्हें लगता है कि मैंने कुछ किया तो मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। सत्यनारायण राव ने बताया था कि कर्नाटक प्रिजन मैनुएल के रूल 584 के तहत ही शशिकला को छूट दी गई थी।

ज्ञातव्य है कि डीआईजी रूपा ने जेल प्रशासन पर स्पेशल ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाया था। डीआईजी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी डीजी (जेल) सत्यनारायण राव पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। उनका आरोप है कि शशिकला को स्पेशल ट्रीटमेंट देने के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी। हालांकि राव ने डीआईजी के सभी आरोप को गलत खारिज किया था।