बत्तीसी संघ: वर्षों से चली आ रही परंपरा, सिर पर सिगड़ी रख रवाना हुआ संघ, छट को करेंगे दर्शन


नीमकाथाना। कोरोना महामारी के चलते विगत दो सालों बाद बत्तीसी संघ की रौनक फिर लौट आई। शहर में मंगलवार को बत्तीसी संघ रवाना हुआ। इसमें तंवरावाटी के अलावा हरियाणा के श्रद्धालु जलती हुई सिगड़ी सिर पर रखकर ऊंट गाडों व ट्रैक्टर ट्रॉली के काफिले के साथ पैदल पहुंचते है। नीमकाथाना से बत्तीसी संघ करीब 300 साल से नवरात्रों के दौरान जीणमाता के दर्शनों के लिए जा रहा है। संघ में केरवाली, नयाबास, मांवडा, टोडा, गोडावास, गणेश्वर, भूदोली सहित ढाणियों के श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। संघ में शामिल यात्री विश्राम के लिए खंडेला मोड़ पर खाली खेतों में करते हैं। यहां से दूसरे गांवों के श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। हजारों श्रद्धालु जीणमाता के दर्शन करते हैं। बत्तीसी संघ मंगलवार को वार्ड नं 06 स्थित पथवारी माता के धोक लगाकर रवाना हुआ। इस दौरान विधायक सुरेश मोदी भी संघ में पहुंचे। जहां उन्होंने आशीर्वाद लेकर संघ को रवाना किया। संघ में शामिल भक्त हाथों में निशान व महिलाएं सिर पर सिगड़ी लेकर चल रही थी। संघ छठ के दिन जीणमाता पहुंचेगा। पथवारी के मौहल्ले के जीणमाता मंदिर में सेवा कर रहे जोशी परिवार के सत्यनारायण जोशी ने बताया कि बतीसी संघ की करीब 300 सालों से परंपरा चली आ रही हैं। इधर, ग्राम भूदोली से भी पथवारी माता के धोक लगाकर संघ रवाना हुआ।

सिरोही में किया बत्तीसी संघ का स्वागत
ग्राम सिरोही में मंगलवार को शाम को बत्तीसी संघ का ग्रामीणों ने स्वागत किया। बत्तीसी संघ हसामपुर, पाटन, नीमकाथाना होते हुए सिरोही पहुंचा। बत्तीसी संघ की राजपूत परिवार ने अगवानी की। इस दौरान पन्ने सिंह, धीर सिंह, राजेंद्र सिंह, सिरोही के बत्तीसी संघ के कोतवाल पवन जोशी मौजूद रहे।
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