फर्जी पहचान पत्र बनाने के मामले में आरोपी ई-मित्र संचालक गिरफ्तार



वृद्धावस्था पेंशन उठाने के लिये बनाकर देता फर्जी वोटर आईडी


नीमकाथाना।सदर पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र बनाने के मामले में आरोपी ई मित्र संचालक को गिरफ्तार किया। आरोपी वृद्धावस्था पेंशन उठाने के लिए फर्जी पहचान पत्र बनाकर दे रहा था। जिसकी जांच के बाद तहसीलदार सत्यवीर यादव ने मामला दर्ज करवाया था। जिसपर एएसपी रतनलाल भार्गव व डिप्टी गिरधारीलाल शर्मा के सुपरविजन में टीम का गठन किया गया। जिसमें थानाधिकारी कस्तूर वर्मा, राजेश कुमार, विकास व राजूसिंह ने मुल्जिम शीशपाल पुत्र गोविन्दराम निवासी वार्ड नं 15 सहकारी समिति के पास गुहाला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को पेश किया जिसको न्यायालय ने तीन दिन के पीसी रिमांड पर भेजा। गौरतलब है कि गुहाला में ई-मित्र संचालक द्वारा फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने का मामला सामने आया था। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उसके बाद तहसीलदार ने सत्यवीर यादव ने गुहाला में ई-मित्र संचालक शिशपाल सैनी पुत्र गोविंदराम के खिलाफ सदर पुलिस में मामला दर्ज करवाया था। 

फर्जी पहचान पत्र बनाने के लिए 100 रुपए
डेहरा जोहड़ी की ढाणी पानावाली निवासी रतनलाल सैनी व उसकी पत्नी कमला देवी ने गुहाला में स्थित श्रीश्याम ई-मित्र पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करवाया था। दंपती मूल आवेदन दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय में जमा करवाने ले आया। जांच में सामने आया कि मतदाता पहचान पत्र डब्ल्यूएचके 1687466 एवं डब्ल्यूएचके 1687441 दिनांक 18 जनवरी 2022 पूर्णरूप से कूटरचित है। क्योंकि इन पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं और प्रारूप भी गलत है। दंपती ने बताया कि पहचान-पत्र देने के लिए ई-मित्र संचालक ने 100 रुपए लिए हैं। तहसीलदार यादव ने सूचना सहायक अशोक कुमार, प्रोग्रामर अब्दुल अखिल कुरैशी से मामले की जांच करवाई। जिसमें खुलासा सामने आया।
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