ई-मित्र संचालक का फर्जी खेल: पेंशन में लगाए फर्जी दस्तावेज, जांच में पकड़ा, प्रशासन ने करवाया मामला दर्ज




नीमकाथाना। गुहाला में ई-मित्र संचालक द्वारा फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने का मामला सामने आया है। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने न आए। उसके बाद तहसीलदार ने सत्यवीर यादव ने गुहाला में ई-मित्र संचालक शिशपाल सैनी पुत्र गोविंदराम के खिलाफ सदर पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। प्राप्त जानकारी मुताबिक डेहरा जोहड़ी की ढाणी पानावाली निवासी रतनलाल सैनी व उसकी पत्नी कमला देवी ने गुहाला में स्थित श्री श्याम ई-मित्र पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करवाया था। दंपती मूल आवेदन दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय में जमा करवाने ले आया। जांच में सामने आया कि मतदाता पहचान पत्र डब्ल्यूएचके 1687466 एवं डब्ल्यूएचके 1687441 दिनांक 18 जनवरी 2022 पूर्णरूप से कूटरचित है। क्योंकि इन पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं और प्रारूप भी गलत है। दंपती ने बताया कि पहचान-पत्र देने के लिए ई-मित्र संचालक ने 100 रुपए लिए हैं। तहसीलदार यादव ने सूचना सहायक अशोक कुमार, प्रोग्रामर अब्दुल अखिल कुरैशी से मामले की जांच करवाई। जिसमें खुलासा सामने आया। 
व्हाट्सएप पर बनाया ग्रुप, पांच हजार का लगाया जुर्माना 
एसडीएम बृजेश कुमार ने बताया कि मामला सामने आने पर जांच के आदेश दिए हैं। ई-मित्र संचालक जिस स्पाइस मनी इन सीकर चार नाम के वॉटसएप ग्रुप से जुड़ा था। उसके पांच एडमिन हैं। ग्रुप में 82 लोग जुड़े हुए हैं। इनमें अधिकांश ई-मित्र संचालक हैं। पुलिस को भी ग्रुप के बारे में जानकारी दी गई है। फिलहाल सामने नहीं आया है कि आरोपी ई-मित्र संचालक ने कितने फर्जी पहचान पत्र तैयार किए हैं। जांच में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा व राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना सामने आई है। एसडीएम बृजेश कुमार ने ई-मित्र कियोस्क निलंबित करते हुए पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।


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