जीआरपी थानाधिकारी ने अपने कार्यालय को बनाया अस्थाई स्वागत कक्ष, विधायक को कई बार लिखा पत्र



नीमकाथाना। राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेशभर के समस्त थानों में स्वागत कक्ष के लिए घोषणा की गई थी। जिसपर समस्त थानों में स्वागत कक्षों का निर्माण हो चुका हैं। घोषणा करने के बाद नीमकाथाना के कोतवाली, सदर व पाटन थाने में कक्षों का निर्माण पूरा हो चुका, लेकिन शहर का जीआरपी थाना अभी तक स्वागत कक्ष जैसी मूलभूत सुविधा की कमी से जूझ रहा है।
बजट घोषणा बिंदु संख्या 158 के अंतर्गत राजस्थान राज्य के समस्त स्थानों पर जन सुनवाई के लिए अलग से स्वागत कक्ष बनाने की घोषणा की गई थी। सरकार का इरादा था कि थानों में स्वागत कक्ष का निर्माण ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा व शहरी क्षेत्र में जिला कलेक्टर के पास उपलब्ध मुक्त अनुदान जनप्रतिनिधि स्थानीय क्षेत्र विकास निधि योजना से करवाया जाए। 

महानिदेशक राज्य पुलिस ने भी पत्र जारी कर जीआरपी थाने में स्वागत कक्ष के निर्माण नहीं होने को लेकर आपत्ति जताई थी। क्योंकि अभी तक जीआरपी थाने को स्वागत कक्ष नहीं मिला है। यहां स्थानीय विधायक को भी प्रस्ताव के बारे में अवगत करवाया जा चुका है। 

स्वागत कक्ष को सिर्फ बजट का आश्वासन
जानकारी के मुताबिक कई बार विधायक को अवगत कराने के बाद भी विधायक ने बजट नहीं होने का कारण बताते हुए बजट आने पर स्वागत कक्ष का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया है। 

सांसद से भी स्वागत कक्ष निर्माण की अपील की

जीआरपी थानाधिकारी मोहनलाल ने बताया कि स्वागत कक्ष नक्शा अनुसार जीआरपी थाने में स्वागत कक्ष निर्माण के लिए 11 लाख रुपए सांसद मद में आवंटित करने की अपील की है। 

थाने में महिला व पुरुष स्नानागार व शौचालय की पृथक व्यवस्था तक नहीं
जीआरपी थाने में शौच व स्नान करने के लिए महिला और पुरुष की कोई  व्यवस्था तक भी नहीं है। 

थानाधिकारी ने अपने कार्यालय को ही बनाया अस्थाई स्वागत कक्ष
थानाधिकारी मोहनलाल ने स्वागत कक्ष की कमी होने के चलते अपने कार्यालय में ही अस्थाई स्वागत कक्ष बना दिया है। 

रेलवे ने सौंपा अनापत्ति प्रमाण पत्र
जीआरपी थाना आवंटित परिसर में अपने स्तर पर स्वागत कक्ष का निर्माण कार्य रेलवे के उच्च मापदंडों के तहत निर्माण कर सकती हैं जिसपर रेल प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है।
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