निर्दई मां ने पाटन कस्बे को किया शर्मसार, रेफरल अस्पताल की नाली में मिली नवजात


पाटन। राजकीय रेफरल चिकित्सालय में रविवार को एक नवजात बच्ची नाली में मिली। जिस की आवाज सुनकर उसको हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। डॉ अमित यादव ने इस बारे में बताया कि नवजात बच्ची को किसी महिला ने नाली में छोड़ दिया और वह महिला चली गई। यह समाचार सुनते ही आमजन इस निर्दई मां की निंदा करने में लग गया लोगों का कहना है कि इस निर्दई मां को जरा सी भी शर्म नहीं आई जो 9 महीने तक अपने बच्चे को गर्भ में छिपाकर रखा था और जब उसकी कोख से एक बिटिया ने जन्म लिया तो उस बिटिया को उसने नाली में छोड़कर ही अपनी ममता का गला घोट दिया। क्या कसूर है इस नवजात का जिसको एक मां ने नाली में ही छोड़ना उचित समझा। वाह रे इंसान तेरी अजब गजब कहानी है परंतु अभी हकीकत का पता नहीं चला है। जब किसी के घर लड़का पैदा होता है तो ढोल नगाड़े बजाए जाते हैं और जब एक बिटिया जन्म लेती है तो उसको नाली में छोड़ दिया जाता है। इस घटना से ममता तो शर्मसार हुई ही है अपितु समूचे कस्बे के लोगों की आंखें भी शर्म से झुक गई है। हॉस्पिटल परिसर की नाली में मिली बच्ची के बारे में जब हॉस्पिटल प्रशासन को पता चला तो तुरंत प्रभाव से बच्ची को लेबर रूम में स्थित वारमर में भर्ती किया गया। बच्ची तंदुरुस्त है जिसको नीमकाथाना रेफर किया गया है। इस बारे में जब पुलिस को पता चला तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामला दर्ज कर साक्ष जुटाई जा रही है। इससे पूर्व नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने भी राजकीय रेफरल चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था परंतु उस दौरान इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई। घटना की जानकारी मिलते ही पाटन सरपंच मनोज चौधरी भी मौके पर पहुंच गए।
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