एक साल के मासूम को क्या पता पगड़ी क्या होती है, रस्म अदा की



नीमकाथाना। निकटवर्ती ग्राम सिरोही में एक साल के मासूम के पगड़ी का दस्तूर किया गया। जब पगड़ी की रस्म अदा हो रही थी और एक साल के मासूम को चौकी पर बैठाया गया तो माहौल एकदम से गमगीन हो गया। इस बारे में कैलाश मीणा भराला ने बताया कि मेरे मामा बीरबल मीणा निवासी सिरोही मनोरोगी है उनके एक ही पुत्र था जिसकी उम्र 27 वर्ष थी। डेढ़ माह पहले पिंटू पुत्र बीरबल मीणा को बीमारी हो गई थी परंतु कोरोना के चलते हैं उसका सही इलाज नहीं हो पाया नतीजा उसकी मौत हो गई। मृतक पिंटू के ढाई वर्ष की पुत्री मानवी और एक वर्ष का पुत्र गिरीश है। सामाजिक रीति नीति के अनुसार सोमवार को सिरोही में पगड़ी रस्म के दौरान एक वर्षीय पुत्र गिरीश को पगड़ी पहनाई गई। गिरीश को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उसका पिता अब इस दुनिया में नहीं रहा तथा घर को चलाने वाला भी अब कोई नहीं रहा, समाज के लोगों ने पगड़ी के रूप में संपूर्ण जिम्मेदारी आज एक वर्षीय बालक को पगड़ी पहनाकर  दे दी है। पगड़ी दस्तूर के समय माहौल गमगीन हो गया।
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