मीणा की नांगल की खदान में डूबने से युवक की मौत पर पाटन नायब तहसीलदार ने खदान मालिक के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा


पाटन(दीपक सिंह) हरियाणा राज्य के गांव शहद अलीपुर के तीन युवक मीणा की नांगल की खदान में 14 जून को नहाने आए थे जिसमें एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी। मृतक युवक का शव 52 घंटे बाद बाद बड़ी मस्कत के साथ निकाला गया। उपखंड प्रशासन 14 जून से 16 जून तक लगातार मीणा की नांगल गांव की खदान पर  उपस्थित रहकर मृतक का शव बहार निकलवाने के बाद ही चैन की सांस  ले सका। ग्रामीणों ने उपखंड प्रशासन को बताया कि खदान मालिक की लापरवाही के कारण से ही यह बड़ा हादसा घटा है। उपखंड अधिकारी के आदेशों के बाद ही नायब तहसीलदार धर्मेंद्र स्वामी ने कैलाश यादव पुत्र खेमचंद यादव निवासी मीणा की नांगल के खिलाफ मामला दर्ज करवाया । खदान मालिक कैलाश यादव ने 2 सालों से खदान में कार्य नहीं किया तथा खदान में लगभग 60 फुट पानी भरा हुआ था एवं खदान खुली पड़ी हुई थी जिस में ना कोई फेंसिंग व तार लगाए गए थे ना ही कोई सूचना बोर्ड लगाया गया तथा ना कोई चौकीदार था जिस कारण कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती थी। इसी का नतीजा रहा है कि 14 जून को लगभग दोपहर 1:00 बजे हरियाणा राज्य के गांव शहद अलीपुर के तीन युवक नहाने आए जिसमें संदीप ने ऊपर से ही छलांग लगा दी जो बाद में ऊपर आया ही नहीं। प्रशासन को जब इसकी जानकारी मिली तो संदीप के शव को निकालने के लिए कई जगह से गोताखोरों को बुलाया गया, उसके बावजूद  स्थानीय प्रशासन को 3 दिन बाद सफलता  मिली। प्रशासन ने खदान मालिक को बार-बार मौके पर बुलवाने का समाचार भी भिजवाया उसके बावजूद भी खदान मालिक मौके पर नहीं पहुंचा जिस कारण मृतक के शव को निकालने में समय लगा। ग्रामीणों ने बताया कि खदान मालिक की लापरवाही के कारण से घटना घटी है‌ उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार गुप्ता के आदेशों के बाद खदान मालिक के खिलाफ आज मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसमें खान विभाग के अधिकारी भी पूर्ण रूप से जिम्मेदार है जिन्होंने खुली खदानों की तरफ आज तक कोई ध्यान ही नहीं दिया। अगर खनिज विभाग समय रहते इन खदानों की तरफ ध्यान दे चुकी होती तो क्षेत्र में इस तरह की घटना नहीं घटती।
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