सफ़लता@एसडीआरएफ 14 जवान, एनडीआरएफ 17, सिविल डिफेंस 10, नेवी टीम के 4 अनुभवी रिटायर्ड सर्विस मेन ने दिलाई राहत की सांस



नीमकाथाना। बंद पडी माइंस में तीन दिन पहले नहाने गये युवक संदिप का शव बुधवार शाम करीब साढे 4 बजे गोताखोरो को सफलता हाथ लगी। सोमवार को कस्बे के माईनिंग जोन मीणा की नांगल स्थित कैलाश यादव के नाम स्वीकृत माइंन्स में तीन युवक नहाने आऐ थे जिसमें से एक युवक संदीप पुत्र हरिराम यादव निवासी अलीपुर ने उपर से छलांग लगा दी जिससे वह उपर ही नही आया। सोमवार से तलाशी अभियान शुरू किया गया। पुलिस व प्रशासन ने सोमवार व मंगलवार को गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया। तीसरे दिन बुधवार को पास के क्षेत्र के चार अनुभवी रिटायर्ड एक्स नेवी सर्विस मेन जिसमें मनीष चौधरी, कुलदीप चौधरी और अनिल मान एवं एनडीआरएफ टीम को प्रशासन ने सहायता के लिए बुलवाया। बुधवार की शाम करीब साढे 4 बजे अनुभवी रिटायर्ड एक्स नेवी सर्विस मेन तैराक मनीष चौधरी ने काफी गहराई तक खान को खंगाला। तब कहीं जाकर उसका शव इन गोताखोरों को मिल सका। शव को पाटन रैफरल चिकित्सालय में रखवाया गया पोस्टमार्टम कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। 

उपखण्ड अधिकरी ब्रजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि माहिर गोताखोरों की टीम जिनमें एसडीआरएफ जयपुर टीम के 14 जवान, एनडीआरएफ अजमेर टीम के 17, सिविल डिफेंस टीम सीकर के 10, नेवी टीम के 4 अनुभवी रिटायर्ड सर्विस मेन ने संयुक्त काम कर कई घण्टे तक मशक्कत की।
 
गौताखोरो ने बताया कि माईन्स काफी गहरी व पानी काफी ठण्डा था। लगभग 10 मीटर के बाद कुछ साफ दिखाई नही दे रहा था बस अनुमान से ही हम ढूढ रहे थे। वहीं यह जगह घुमने फिरने था पिकनिक बनाने की नही है इस तरह की जगहें काफी खतरनाक होती है। थोडी सी चुक जानलेा साबित हो सकती है। 

 ग्राम पंचायत दलपतपुरा सरपंच बलराम गुर्जर ने खान विभाग वह खान मालिक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तथा प्रशाशन से कार्यवाही की मांग करते हुए बताया कि न तो माइंसो पर किसी तरह का कोई नियम लागू है, न ही माइनिंग सेफ्टी में तार बंदी व दिवारे लगाई हुई है। ग्रामीणों ने कई बार अवगत भी करवा दिया है परंतु इस और न तो संबंधित विभाग का ध्यान है और न ही प्रशाशन का जिससे आए दिन हादसे होते रहते है।
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