नीमकाथाना मनीष टांक। ब्लाॅक के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सुपोषण दिवस का आयोजन किया गया। ग्राम चला में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पर आयोजित कार्यक्रम में सीडीपीओ संजय चेतानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं एवं पुरूषों को संबोधित करते हुए सीडीपीओ चेतानी ने कुपोषण के विविध रूपों की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भावस्था में रहे कुपोषण के भयावह परिणाम निकलते हैं, जो हमारी आने वाली पीढ़ीयों को भुगतने पड़ते हैं। हमारे आस-पास बहुत से सस्ते अनाज एवं सब्जियाँ हैं, जिनका प्रयोग हम आधुनिकता के चक्कर में छोड़ चुके हैं, जबकि यह स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी होता है। इस सम्बन्ध में उन्होनें बथुआ, पालक, मैथी, बाजरा, मूंगफली आदि का उदाहरण दिया। हाल ही में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे की पाँचवीं रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में कुपोषण और मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं और किशोरी बालिकाओं में एनिमिया यानी खून की कमी की समस्या भी बढ़ी है। इस स्थिति का मुकाबला करने के लिए सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर न्यूट्री गार्डन विकसित किये जा रहे हैं। पूरक पोषाहार के मेन्यू में बदलाव करके अब आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को प्रतिमाह चने की दाल, गेहूँ और चावल प्रदान किये जा रहे हैं। केन्द्रों पर नियमित रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दिवसों का आयोजन कर सघन टीकाकरण किया जा रहा है। सभी गर्भवती-धात्री एवं किशोरी बालिकाओं के लिए खून की कमी दूर करने वाली आयरन फोलिक एसिड टेबलेट का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। सुपोषण दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनिता शर्मा, पर्यवेक्षक ताराचन्द जान्दु तथा शाला पूर्व शिक्षिका निधि पुरोहित ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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