नीमकाथाना@विश्व स्तनपान सप्ताह दिनांक 1 से 7 अगस्त 2020 के समापन के अवसर पर बाल विकास परियोजना कार्यालय नीमकाथाना के तत्वाधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
        इस अवसर पर उपस्थित सभागियों को जानकारी देते हुये सीडीपीओ संजय चेतानी ने बताया कि स्तनपान के संरक्षण, प्रचार एवं सहयोग संबंधी महत्वपूर्ण पहलूओं पर जनसमुदाय का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतिवर्ष 1-7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इस वर्ष की विषयवस्तु स्वस्थ विश्व के लिए स्तनपान का समर्थन करें, स्तनपान को बढावा देने के लिए कोविड-19 एक सुअवसर है।
     
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि शिशु रोग विषेषज्ञ डाॅ. बजरंग लाल बुन्देला रहे। जिन्होने उपस्थित सभी संभागियों को बताया कि माॅं का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है। बच्चे के जन्म के तुरन्त बाद, जितनी जल्दी हो सके माॅ को अपना पहला पीला गाढा दूध जिसे वैज्ञानिक भाषा में काॅलस्ट्रम पिलाना चाहिये, उन्होने बताया कि जन्म के पहले 6 माह तक बच्चे को केवल स्तनपान ही करवाना चाहिये, बच्चे को भूख लगे तो माॅ का दूध, प्यास लगे तो माॅ का दूध ही पिलाया जाना चाहिये। माॅ के दूध के सिवाए कुछ भी नही दिया जाना चाहिये।
        इस अवसर पर वेदान्ता समूह के सहयोगी संगठन हुमाना पिपुल टू पिपुल की कार्यकर्ता सुनीता ने स्तनपान के फायदे बताते हुए कहा कि माॅ का दूध पीने वाले बच्चे का मानसिक विकास अधिक होता हैं। बच्चा अधिक बुद्विमान होता है, वहीं माॅ का दूध साफ सुथरा, जीवाणु रहित होने के कारण शिशुओं को अनेक संक्रमणों से बचाता है।
        संगोष्ठी को महिला पर्यवेक्षक, अरुणा राजपूत, विमला वर्मा, सरोज इन्दुलिया, बबिता कुमावत ने भी संबोधित किया तथा उपस्थित सभी संभागियों को स्तनपान के विभिन्न लाभ, स्तनपान कराने की स्थिति तथा बच्चे को स्तनपान नहीं कराने से होने वाले नुकसानों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। संगोष्ठी में हुमाना पिपुल टू पिपुल संस्था के अतिरिक्त जिला समन्वयक योगेश यादव, महिला पर्यवेक्षक सोनिया यादव, मीना, सुनील देवी, रिंकु, रणसिंह सहित अनेक प्रबुद्वजन उपस्थित थे।

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