नीमकाथाना/पाटन@ विगत रात्रि डाबला गांव मे झुंझुनू सीमा के पास खेतों में पहरा देने वाले किसानों की सजगता से बड़ी वारदात टल गई। एक संदिग्ध बोलेरो गाड़ी डाबला क्षेत्र में चक्कर लगा रही थी, बोलेरो गाड़ी में बैठे लोगों को जब आस-पास कोई व्यक्ति नजर नहीं आया तो उन्होंने अपनी गाड़ी वहां खड़ी कर सीहोड की तरफ पैदल रवाना हो गए। इधर खेतों में पहरा देने वाले किसानों ने संदिग्ध गाड़ी को खड़ी देखकर अपने लोगों को फोन करके बुलाया तथा उन्होंने बताया कि यह गाड़ी इधर कई चक्कर लगा चुकी है। जब ग्रामीणों ने गाड़ी के पास जाकर  टॉर्च जलाकर देखा तो गाड़ी में हथियार रखे हुए थे तथा पीछे की सीटें निकाली हुई थी।


ग्रामीणों ने वीर चक्र विजेता जयराम सिंह तंवर को भी सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया। जयराम सिंह ने बोलेरो गाड़ी को देखा तो गाड़ी का गेट लॉक था और गाड़ी के अंदर हथियार रखे हुए थे जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये लोग कोई बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे।

इधर तीनों संदिग्ध व्यक्ति जब पैदल-पैदल सीहोड की तरफ जा रहे थे तो उनको रास्ते में सीहोड के सरपंच मिले, सरपंच ने इन तीनों से पूछा कि इतनी रात आप लोग कहां जा रहे हो तो इन तीनों ने किसी शादी में जाने की बात कही।

इसी दौरान एक सीहोडनिवासी वहाँ बाइक लेकर आ गया, जिसको सरपंच ने कहा कि तुम जा रहे हो इनको भी आगे तक छोड़ देना। वह बाइक वाला उन लोगों को बैठा कर जब सीहोड छोड़ा तो बाइक वाले ने उनमें से 2 लोगों सराय निवासी राजेश तथा दूसरा गांवडी जाट महेंद्रगढ़ का कृष्ण कुमार को पहचान गया। जो आदतन अपराधी है, पुलिस के मुताबिक इनके खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज है।

सीहोड पहुंचने के बाद उन तीनों ने अपने तक़रीबन अन्य 10-15 साथियों को बुलाया जो एक कैंपर में सवार होकर तथा दो तीन बाइकों पर सवार होकर आए। जब तक जयराम सिंह तंवर ने संदिग्ध गाड़ी के बारे में खेतड़ी पुलिस, डाबला पुलिस चौकी, एवं पुलिस कंट्रोल रूम जयपुर में सूचना दे दी थी।


सभी संदिग्ध लोग जब बोलेरो गाड़ी के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि यहां बहुत सारे लोग एकत्रित हो चुके हैं तो उन लोगों ने गाड़ी में बैठे बैठे ही अपने हथियारों को भी लहरा कर उन लोगों को डराने की कोशिश की, परंतु किसानों की संख्या अधिक होने के कारण वह वहां से फरार हो गए।

सूचना पर खेतड़ी पुलिस  एवं डाबला पुलिस चौकी के पुलिस कर्मी वहां पहुंचे।  पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से जब गाड़ी के नंबरों को ट्रेस किया तो वह गाड़ी गांवड़ी जाट जिला महेंद्रगढ़ के कृष्ण कुमार के नाम से पाई गई। गाड़ी का फाटक लॉक होने के कारण रात्रि को खेतड़ी पुलिस गाड़ी को नहीं ले जा सकी तथा रात को वहीं पर गाड़ी के टायरों की हवा निकाल कर खड़ी करवाई गई जिसे आज सुबह खेतड़ी पुलिस मिस्त्री की सहायता से गाड़ी का गेट खुलवा कर ले गए। जयराम सिंह तंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त संदिग्ध लोगों द्वारा रात को किसी बड़ी घटना को अंजाम देने का कार्यक्रम था परंतु किसानों की सजगता से बड़ी घटना घटने से बच गई। ग्रामीणों का कहना है पुलिस को चाहिए कि इस प्रकरण की गहराई से जांच कर खुलासा करें जिससे क्षेत्र में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।