नीमकाथाना@कोतवाली थाना अंतर्गत नयाबास के रतनलाल मीणा के हत्याकांड का एएसपी दिनेश अग्रवाल ने कोतवाली थाने में  प्रेस वार्ता कर खुलासा किया। जिसमें पुलिस ने पांच हजार ईनामी मुख्य आरोपी विकास मीणा सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। एएसपी अग्रवाल ने बताया कि  17 अप्रैल को  मृतक व मुख्य आरोपी के बीच जमीन एवं मकान के संबंध में गाली गलोज होने के कारण रंजिश रखते हुए आरोपी विकास मीणा योजनाबद्ध तरीके से सहयोगीयो को बुलाकर  रात्रि में मृतक को घर से अपहरण कर बोलेरो गाड़ी में डालकर सुनसान जगह पर ले जाकर  रतन लाल मीणा की  हत्या कर दी  एवं मृतक के शव को राणासर गांव में निर्जरा धाम  के पास सुखी नदी में डाल गए थे।
जमीनी विवाद व आपसी रंजिश को लेकर हुई हत्या :-एएसपी अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ करने पर सामने आया है कि मृतक व मुख्य आरोपी विकास मीणा के बीच आपसी रंजिश व जमीनी विवाद चल रहा था। जिसके चलते आरोपियों ने अपहरण कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी
पुलिस ने विभिन्न जगहों पर दी दबिश:-पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए टीम गठित करके हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर नयाबास, दीपपुरा, लाका, बाड्यानाला, गुढा, खेतड़ी, बबई, करीरी सहित अन्य जगहों पर दबिश दी गई।
मुख्य आरोपी सहित 6 लोग आए गिरफ्त में:-मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम के प्रयासों से हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास मीणा, अनिल कुमार बबाई, पिंटू खेतड़ी, विजय उर्फ मोनू माधोगढ़, कुलदीप बामकाला की ढाणी, लोकेश उर्फ लक्की नयाबास को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य आरोपी के खिलाफ 17 मामलों में है वांछित 50 से ज्यादा वारदातें:-रतनलाल मीणा हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास मीणा के खिलाफ झुंझुनू, सीकर, जयपुर, चूरु के अलग थानों में करीब 17 मामले दर्ज हैं। वहीं ठेका लूट नकबजनी वाहन चोरी की करीब 50 वारदातों में वांटेड चल रहा है।
हत्याकांड खुलासे में 11 लोगों की टीम ने दिलाई सफलता:-हत्याकांड के मामले में प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक जयपुर एस सेंगाथिर, एसपी डॉ गगनदीप सिंगला के निर्देशन मे एएसपी दिनेश अग्रवाल पुलिस उपाधीक्षक बनवारीलाल धायल, रींगस उपाधीक्षक  बलराम सिंह, कोतवाली थाना अधिकारी करण सिंह, सदर थाना अधिकारी सुरेंद्र कुमार, खाटूश्यामजी उप निरीक्षक मनीष कुमार, खंडेला उप निरीक्षक महेंद्र कुमार, कांस्टेबल रामसिंह, सतीश शर्मा, संजय कुमार, नरेंद्र कुमार, विकास कुमार, जुगल सिंह एवं रमेश कुमार ने मुखबिरी की सूचना पर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सफलता हासिल की है।