नीमकाथाना/पाटन@रेला माइनिंग जोन में जाने के लिए 0.44 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की होने के चलते वन विभाग ने इस रास्ते को बंद कर दिया था। वही इस रास्ते पर राजनीति करते हुए गांव जाटवास व गांव बक्शीपुरा के लोगों ने भी वन विभाग का  समर्थन किया था परंतु जिस कारण यह रास्ता एक वर्ष तक बंद रहा। खनन मालिकों ने वन विभाग की  0.44 हेक्टेयर जमीन का राज्य सरकार से वन विभाग से डायवर्जन करवा लिया गया उसके बाद यह रास्ता फिर से चालू हो गया है।
ज्योही बंद रास्ते को सही करने पोकलेन मशीन आई तो जाटवास व  बक्शीपुरा के लोगों ने फिर से विरोध शुरू किया था इस पर खान मालिकों ने दोनों गांव के लोगों से वार्तालाप की। दोनों गांव के लोगों ने बताया कि बारिश का पानी गांव में आ जाता है ऐसे में गांव वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, अगर आप बारिश के पानी के लिए एक नाला बनवा दे तो हमें कोई तकलीफ नहीं होगी। इस पर खान मालिकों व गांव के लोगों में सहमति बन गई तथा रास्ता फिर से शुरू किया गया है।


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