नीमकाथाना: बचपन में मिले संघर्षों से जीवन देखने का नजरिया बदला। इससे आजीवन सेवा करने का संकल्प लिया। शुरूआत 21 साल की उम्र में हुई जब नौकरी की पहली तनख्वाह मिली। मदद करने का यह सिलसिला आजीवन जारी रहेगा। यह कहना है नीमकाथाना के एक नजदीकी गांव गोड़ावास के राजेश कुमार मंगावा का। उनके माता-पिता बचपन में ही दुनिया छोड़कर चले गए। ऐसे में संघर्ष भरे जीवन के साथ ही सेवा करने का बीज मन में पनपने लगा।।                          
वहीं बाल्यावस्था में मां की बीमारी के उपचार को लेकर एक शहर से दूसरे शहर भटकने के दौरान कठिनाइयों को ओर करीब से देखा। इससे प्रभावित होकर बीमारों और सड़कों पर पड़े घायल लोगों की सेवा का संकल्प लिया। कोशिश बेटी बचाओ अभियान, बेटा पढाओ- संस्कार सीखाओ अभियान, रक्तदान अभियान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अभियान चलाकर समाजसेवा के क्षेत्र में कई बार राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित होने का अवसर मिला। 

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