पाटन--कहने को तो पाटन अपने आप में पंचायत समिति कहलाती है, परंतु सही मायने में पाटन बस स्टैंड तिराहे पर महिलाओं के लिए पंचायत समिति व ग्राम पंचायत द्वारा किसी तरह की कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई है। जिस कारण महिलाओं को शोच भी खुले में जाना पड़ रहा है, जिसके चलते महिलाओं की इज्जत शर्मसार होती रहती है। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत की बात कर रहे हैं वही पाटन बस स्टैंड पर मजबूर महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का उल्लंघन कर रही है। इस बारे में पूर्व में भी जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल के दौरान राजस्थान वर्किंग मीडिया जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश प्रधान महासचिव हरिकिशन राव द्वारा ज्ञापन दिया  गया था परंतु वह ज्ञापन कचरे के ढेर में चला गया है। बस स्टैंड पर महिलाएं शोच जाने के लिए इधर-उधर भटकती रहती है। मजबूर होकर महिलाओं को खुले में शौच करना पड़ रहा है, जिस कारण बहन बेटियां व माताओं की इज्जत शर्मसार हो जाती है। कस्बे में किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति का इस और ध्यान नहीं गया और ना ही इन्होंने अपनी बात मजबूती के साथ रखी, जिस कारण ना तो ग्राम पंचायत ने और ना ही पंचायत समिति ने इस तरफ ध्यान दिया । कई बार तो ऐसी स्थितियां पैदा हो जाती है की महिलाएं बस स्टैंड के दुकानदारों से पूछती हैं यहां शौचालय की सुविधा है क्या ,ऐसे में दुकानदार जवाब तक नहीं दे पाते और उनकी निगाहें भी शर्म से झुक जाती है। इस बारे में पाटन ग्राम पंचायत सरपंच को कई बार अवगत भी करवाया गया परंतु ग्राम पंचायत द्वारा इतनी बड़ी समस्या की तरफ ध्यान ही नहीं दिया गया है। कस्बे के लोगों ने पाटन बस स्टैंड पर महिला शौचालय बनवाने की मांग की है ताकि बहन बेटियों एवं माताओं की आबरू शर्मसार ना हो। इस बारे में ग्राम विकास अधिकारी अनिल सिंह तवर ने बताया कि बस स्टैंड तिराहे के नाले पर महिला शौचालय बनवाने का प्रस्ताव भेजा गया है प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद शौचालय बना दिया जाएगा।

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